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रायपुर पुलिस की बड़ी चूक, लावारिस समझकर इंजीनियर की लाश को पुलिस ने दफनाया, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, जानिए पूरा मामला

badi-khabar

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से छह माह पहले 2 जून को टाटीबंध इलाके के नाले में मिली युवक की लाश मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने जिस लाश को लावारिस मानकर दफना दिया था, उसकी पहचान कर ली गई है। मृतक की पहचान सिविल लाइन निवासी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर मृणाल राय चौधरी के रूप में हुई है। मृणाल के गुमशुदगी की शिकायत उसके परिजनों ने 2 जून को सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी।

शिकायत आवेदन में मृणाल के परिजनों ने बताया था कि उनका पुत्र 43 वर्ष 1/06/2025 को अपने मोटर सायकल वाहन कमांक CG04LU9389 कहीं गया हुआ था, लेकिन आज तक वापस नहीं आया। परिजनों ने इसकी सूचना थाना सिविल लाईन में 2/06/2025 को दी थी। पुलिस थाना सिविल लाईन के द्वारा रिपोर्ट/सूचना मुम कमांक 45/25 दर्ज किया गया था।

परिजनों ने थाने में दी शिकायत में बताया कि 1/06/2025 को एक कोई भीम निषाद व्यक्ति के द्वारा नंबर 8982354986 से कॉल कर 2 से 3 बजे के आसपास सूचना दिया कि उनका लडका टाटीबंध में है और उसके बाद मोबाइल काट दिया था, फिर 2/06/2025 को फिर से 7 बजे के आस पास सुबह उसी नंबर से कॉल आया कि आंटी मेरा लड़का मेरे से गाड़ी की चाबी लेकर चला गया है, उसके बाद से उस लडके का फोन नहीं आया।

इधर, रायपुर पुलिस द्वारा 2 नंवबर को मृणाल के परिजनों को सूचना दी कि उन्होंने लावारिस लाश समझकर शव को दफना दिया गया था। परिजनों ने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही मामले में जांच कर आरोपियों और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मृतक के शव को परिजनों की मौजूदगी में निकालकर मामले की जांच की जा रही है।

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