Google Analytics —— Meta Pixel

रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव, साय सरकार के साथ छत्तीसगढ़ का नए युग में प्रवेश

mmmm

रायपुर। 1 नवंबर 2000 को जब छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया तब निश्चित ही एक नए इतिहास की शुरुआत हुई थी मगर राज्य बनने के 25 वर्ष पूरे होने पर “रजत जयंती वर्ष” के अवसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपलब्धियों के साथ राज्योत्सव की चमक और बढ़ गई है। इस महान उत्सव में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रथम अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपलब्धियां

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य, बोनस एवं अन्य उपायों से लाभान्वित कर राज्य को सशक्त किया है। महिला-सशक्तिकरण एवं सामाजिक कल्याण के तहत साय सरकार ने ‘महतारी वंदन योजना जैसे कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को प्रति माह नियमित रूप से निश्चित राशि देकर समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने का काम किया है। आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों के विकास के तहत नक्सल प्रभावित-इलाकों में विकास, स्वास्थ्य-शिक्षा-सड़कें-बस सेवा में उल्लेखनीय सुधार किया। संस्कृति-परम्परा के संरक्षण की दिशा में भी राज्य की साय सरकार अव्वल रही।

छत्तीसगढ़ी आदिवासी-लोक संस्कृति को सम्मान-प्रोत्साहन देना और प्रदेश की पहचान मजबूत करना मुख्यमंत्री के एजेंडा में रहा है।प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य की बीते 25-वर्षों की यात्रा को एक नई ऊर्जा का प्रतीक कहा और भविष्य में तेज़ी से विकास के मार्ग पर राज्य को ले जाने का संकल्प दोहराया। छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में प्रदेश सरकार के द्वारा नवा रायपुर-अटल नगर में नए विधायक भवन का उद्घाटन किया गया जो ‘ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर आधारित है जिसमें सौर ऊर्जा एवं वर्षा जल संचयन की व्यवस्था है।

प्रदेश की बुनियादी ढाँचे में निवेश को बढ़ावा दिया गया जिसके तहत राज्य में सड़क-हाईवे सम्बन्धी योजनाओं पर भारी निवेश किया गया और फ़ोर-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे प्रारंभ किया गया। ऊर्जा एवं पेट्रोलियम क्षेत्रों में सुधार करते हुए राज्य में पेट्रोलियम तेल डिपो का उद्घाटन और कृषि-ग्रामीण इलाकों में बिजली-वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने की पहल की गई।

संस्कृति-विरासत को प्रकाश में लाते हुए मुख्यमंत्री ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की याद में डिजिटल संग्रहालय की शुरुआत की और राज्य की पहचान को पुनस्र्थापित करने का काम किया। राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ ने अनेक चुनौतियों का सामना किया — नक्सलवाद, पिछड़ा होना, संसाधनों का समुचित उपयोग न हो पाना। इस रजत वर्ष पर यह स्पष्ट संदेश है कि अब इन चुनौतियों को अवसर में बदलने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री और राज्य की डबल इंजन सरकार-द्वारा की गई प्रतिबद्धताएं, बड़े पैमाने पर घोषणाएँ इस बात का संकेत हैं कि छत्तीसगढ़ अब ‘विकास-गति में तेजी लगाने को तैयार है।मुख्यमंत्री साय ने किसानों, महिलाओं, आदिवासियों सहित सभी वर्गों को विकास की धारा में शामिल करने की दिशा में विशेष प्रयास किया है, जिससे सामाजिक समावेशिता का संदेश भी मजबूत हो रहा है। इस वर्ष का उत्सव सिर्फ समारोह नहीं, बल्कि एक शुरुआत है — नए अध्याय की, जिसमें छत्तीसगढ़ ‘आधुनिक, समृद्ध और आत्म-निर्भर राज्य के रूप में आगे बढऩे का संकल्प ले रहा है।

रीसेंट पोस्ट्स