रेल हादसा: फोर्स लीव पर भेजे गए रेलवे के आला अधिकारी, हादसे के बाद पहली बड़ी कार्रवाई
बिलासपुर। कोरबा बिलासपुर मेमू मालगाड़ी से टकरा गयी थी । भीषण टक्कर में 12 रेल यात्रियों की मौत हो गई, इसमें 10 मौतें दुर्घटना के बाद मौके पर ही हो गई थी। हादसे के बाद रेल प्रशासन ने रेल सुरक्षा आयुक्त बीके मिश्रा को दुर्घटना की जांच का निर्देश दिया था। संरक्षा आयुक्त ने मौके पर जांच के बाद आला अधिकारियों और कर्मचारियों से वन-टू-वन चर्चा और बयान लेकर कोलकाता लौट गए हैं। उनके कोलकाता लौटने के बाद अब जाकर बड़ी कार्रवाई की गई है।
रेलवे अफसर के फोर्स लीव पर जाने के ये कारण
लोको पायलट विद्यासागर साइको टेस्ट पास नहीं था। यह जानते हुए एक असिस्टेंट लोको पायलट की साथ ड्यूटी लगाकर मेमू के परिचालन की जिम्मोदारी सौंप दी थी। माना जा रहा है कि इसके चलते भीषण दुर्घटना घटी जिसमें लोको पायलट सहित 12 यात्रियों की जान चली गई। माना जा रहा है इस गंभीर चूक के लिए रेलवे प्रशासन ने वरिष्ठ विद्युत अभियंता (आपरेशनल) मसूद आलम को दोषी मानते हुए फोर्स लीव पर भेज दिया है। उनकी जगह पर वरिष्ठ विद्युत अभियंता कर्षण विवेक कुमार को प्रभार सौंप दिया गया है। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि आने वाले दिनों कुछ और आला अफसरों पर कार्रवाई होगी। बता दें कि लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट वरिष्ठ विद्युत अभियंता (आपरेशनल) के अधीन होते हैं। उनके द्वारा ही चालकों की ड्यूटी लगाई जाती है। वरिष्ठ विद्युत अभियंता ही तय करते हैं, किस लोको पायलट की ड्यूटी कौन सी ट्रेन में लगाई जाएगी।