अनुकंपा नियुक्ति से पहले की तैयारी, अदालती झंझट से बचने डीईओ ने मंगाई दावा आपत्ति
बिलासपुर। अनुकंपा नियुक्ति देने से पहले डीईओ ने दावा-आपत्ति मंगाई है। यह कसरत इसलिए कि मामला अदालत में पहुंचे इसके पहले ही विभागीय प्रक्रिया को पुख्ता करना माना जा रहा है। दावा-आपत्ति के लिए डीईओ ने सात दिन की तिथि तय कर दी है। इस बीच आने वाली शिकायतों का निराकरण किया जाएगा,इसके बाद ही आवेदकों को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी डीईओ कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति के लिए मृत शासकीय कर्मचारियों के चार परिजनों ने आवेदन पेश किया है। आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी के बीच डीईओ ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन के संबंध में दावा-आपत्ति मंगाई है। इसके लिए सात दिन की डेडलाइन तय कर दी है। मंगाई गई दावा आपत्ति में उल्लेख किया गया है, यदि आवेदक के परिवार के कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में कार्यरत हो अथवा किसी प्रकार के आपराधिक या न्यायालीन मामले उनके विरूद्ध लंबित हो तो इसकी जानकारी उक्त समयावधि में बंद लिफाफा या स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी दे सकते हैं।
डीईओ ने बताया कि शासकीय उन्नत प्राथमिक शाला भाठापारा, खम्हरिया में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत स्व. राजाराम टेंगवार के परिवार से उनके पुत्र रितेश कुमार टेंगवार ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है। इसी प्रकार शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिरगिट्टी में भृत्य के पद पर कार्यरत स्व. संतोष कुमार साहू के निधन उपरांत उनके संतान दिव्या साहू, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला वेदपरसदा विकासखण्ड मस्तुरी में कार्यरत स्व. विनोद कुमार टंडन के पुत्र आलोक कुमार टंडन, सेजेस महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल के भृत्य स्व. राकेश कुमार सोनी के दिवंगत होने के बाद उनके पुत्र नवीन सोनी सांई नगर उस्लापुर निवासी ने डीईओ कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन पेश है।
इसलिए मंगाई दावा-आपत्ति
अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में विवाद की स्थिति बनने पर राजनादगांव निवासी आवेदनकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। हाई कोर्ट ने डीईओ को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा था। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया था। तय समयावधि में डीईओ कार्यालय से कार्रवाई ना होने पर याचिकाकर्ता ने राजनादगांव के तत्कालीन डीईओ पर न्यायालयीन आदेदश की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर कर दी थी। इस पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ अवमानना प्ररकण चलाने का निर्देश जारी कर दिया था। अनुकंपा नियुक्ति से पहले डीईओ बिलासपुर द्वारा दावा-आपत्ति मंगाए जाने के पीछे अदालती झंझट से बचने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।