रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता की मौत, इलाज के दौरान हुई मौत, परिजनों और आदिवासी समाज ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है. रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता और सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष जीवन ठाकुर की मौत हो (Raipur Central Jail Kaidi Death) गई. जीवन ठाकुर को इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
घटना रायपुर सेंट्रल जेल की है. कॉंग्रेस नेता, सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष और जनपद पंचायत चारामा के पूर्व अध्यक्ष जीवन ठाकुर (49 वर्ष) की रायपुर सेंट्रल जेल परिसर में इलाज के दौरान मौत हो गई. जेल में बंद जीवन ठाकुर की तबियत बिगड़ गयी थी. जिसके बाद 4 दिसंबर की सुबह 4:20 बजे उसे डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रायपुर में भर्ती कराया गया था. लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गयी. जीवन ठाकुर की मौत से आदिवासी समाज और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में खूब नाराज़गी है.
इस मामले में थे बंद
जानकारी के मुताबिक, जीवन ठाकुर पर मयाना गांव में फर्जी वन पट्टा बनाने का आरोप था. इस मामले में उन्हें 12 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. उन्हें कांकेर जिला जेल में रखा गया था. जहाँ से 2 दिसंबर 2025 को रायपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था. वहीँ, उसके दो दिन बाद 4 दिसंबर को जीवन ठाकुर की तबियत बिगड़ी और मौत हो गयी.
परिजनों और आदिवासी समाज ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी तरफ इस घटना को लेकर परिजनों और आदिवासी समाज के पदाधिकारियों में जमकर आक्रोश है. उन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है बिना बताये जीवन ठाकुर को कांकेर से रायपुर जेल में शिफ्ट कर दिया. इस सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं दी गयी थी. आरोप है समय पर उन्हें इलाज नहीं दिया गया. साथ ही जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और हत्या का आरोप लगाते हुए थाना चारामा प्रभारी को ज्ञापन भी सौंपा है. उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है.