शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.25 करोड़ की ठगी, पैसा डबल करने का लालच देकर ठगों ने ऐसे लगाया चूना, 2 आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. शेयर ट्रेडिंग के निवेश कर पैसा डबल करने के नाम पर सवा करोड़ (1.25) की ठगी (Rajnandgaon Cyber Fraud News) हुई है. इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को ओड़िशा से गिरफ्तार किया है. वहीं, पहले से तीन लोगों की गिरफ्तार हो चुकी है.
मामला जिले के सिटी कोतवाली थाना का है. शेयर टेड्रिंग मामला में निवेश कर ज्यादा मुनाफा दिलाने के नाम पर युवा व्यापारी को फर्जी वेबसाईट का लिंक भेजकर उससे 1,21,53,590/- रूपए की ठगी हुई है. जानकारी के मुताबिक़, साइबर ठगों ने व्यापारी को शेयर मार्केट में निवेश कर डबल मुनाफे का लालच दिया. इनवेस्टमेंट के लोए व्हाटसअप पर फर्जी वेबसाईट लिंक भेजकर उस पलेटफार्म पर फर्जी तरीके से शुरूवात में 15 हजार रूपये प्रार्थी के एकाउंट में भेजा.
15 हजार रूपये पाकर पीड़ित ने उनपर भरोसा कर लिया. जिसका फायदा उठाकर ठगों ने बड़े निवेश में ज्यादा फायदा देने की बात कहकर कुल 1,21,53,590/- (एक करोड़ ईक्कीस लाख तिरेपन हजार पांच सौ नब्बे) रूपये उससे विभिन्न खातों में जमा करा लिए. ठगों ने कमीशन और निवेश के नाम पर लगातार पैसे माँगे. जब पीड़ित ने मुनाफे के पैसे मांगे तो उन्होंने बहाना बनाकर मना कर दिया.
पांच आरोपी गिरफ्तार
पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ. इसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 व थाना कोतवाली में केस दर्ज कराया. जिस पर साइबर सेल व थाना कोतवाली की टीम ने मनी ट्रेल व तकनीकी से जांच की और तीन आरोपी को पकड़ लिया. तीनो आरोपी को 29 नवम्बर को मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर में दबिश देकर पकड़ा गया. जिसमे मध्यप्रदेश निवासी धीरज सिंग (34 वर्ष) , अरविन्द्र ठाकुर (30 वर्ष) और डिम्पल सिंह यादव (22 वर्ष) शामिल थे. वहीँ इसी मामले में अब दो और लोगों को मध्यप्रदेश पकड़ा गया है. आरोपी दिल्ली निवासी धर्मेन्द्र कुमार (36 वर्ष), झारखंड निवासी राजेश मंडल (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है.
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
जांच में पता चला, गिरफ्तार आरोपी धर्मेन्द्र व उसका साथी राजेश मंडल विदेशों में स्थित स्कैम सेंटर के लिये बैंक खाता की व्यवस्था करते थे एवं बैंक खाता उपलब्ध होने पर साईबर ठग गिरोह के सदस्यों के कहने पर देश के विभिन्न जगहों जैसे कोलकाता, बैंगलोर, ओडिसा जाकर कमीशन में लेयर-01 का बैंक खाता खरीदकर उन बैंक खाता को स्कैम सेंटर तक पहुंचाने के लिये खाता धारक के रजिस्टर्ड मोबाईल में .APK एप्प इंस्टाल कर अपने पास रखते थे ताकि उस बैंक खाते को उनके साथी जोकि विदेशों में बैठकर साईबर ठगी करते है के पास पहुंचसके .APK एप्प इंस्टाल करते ही खाता से संबंधित ओटीपी, मैसेज सीधे साईबर ठग तक पहुंच जाती थ. और ठगी का पैसा उन बैंक खाता में प्राप्त कर अन्यत्र लेनदेन करते है। इसके अलावा गिरफ्तार दोनो आरोपियों द्वारा खाता धारक को अपने पास किसी होटल में रख कर उनके खाता में पुरे ट्रांजेक्शन के दौरान खाता धारक की निगरानी करते थे ताकि खाता धारक ठगी का पैसा निकाल न सके इसके अलावा गिरफ्तार आरोपी खाता का एटीएम कार्ड व चेक बुक अपने पास रखते थे. गिरफ्तार आरोपियों को प्रति बैंक खाते कमिश्न 20-25 हजार रूपये क्रिप्टो USDT के रूप में मिलता था.
गिरफ्तार आरोपी धर्मेन्द्र कुमार व उसका साथी राजेश हाल में ही भुनेश्वर ओडिसा आकर कमिश्न में बैंक खाता लेकर उसे ठगी हेतु खाता धारक को अपने पास निगरानी में रखकर रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर में .APK ऐप्प इंस्टाल करके अपने गिरोह के माध्यम से उस खाते में ठगी का पैसे प्राप्त कर रहा था उसे रंगे हाथ पकडा गया आरोपी धर्मेन्द्र के कब्जे से 03 नग एटीएम कार्ड व 03 नग मोबाईल सेट जप्त किया गया.