खनिज माफियाओं के खिलाफ सरकार का बड़ा कदम, शुरू हुआ खनन सूचना केंद्र और जारी किया टोल फ्री नंबर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनिज माफियाओं पर प्रभावी अंकुश रखने और इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने “खनन सूचना केंद्र Mining Information Center की स्थापना की है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। टोल फ्री नंबर के जरिए मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में खनिजों से संबंधित गतिविधियों, शिकायतों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय, भूविज्ञान एवं खनिकर्म द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है।
टोल फ्री नंबर के जरिए आम आदमी अवैध खनन, अवैध परिवहन, खनिज संबंधी अनियमितताओं अथवा अन्य शिकायतों की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे समयबद्ध कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की “जीरो टॉलरेंस” नीति के अनुरूप स्थापित यह सूचना केंद्र पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है, खनिज संपदा का संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, राजस्व संवर्धन तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जनसहभागिता और तकनीकी समन्वय के माध्यम से ही संभव है। “खनन सूचना केंद्र” इस दिशा में शासन की जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।
अब खनन गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।
खनन सूचना केंद्र का संचालन कार्यालयीन समयानुसार प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर संवेदनशील खनन क्षेत्रों में संबंधित जिला प्रशासन द्वारा ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। सीएम की सख्ती के बाद जिला स्तर पर टॉस्क फोर्स और निगरानी के लिए अलग से टीम का गठन किया जा रहा है।