बड़ा न्यायिक फैसला: सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत रद्द

नई दिल्ली – देश के चर्चित ‘हनीमून मर्डर केस’ में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। सोनम पर मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की कथित तौर पर हत्या करने का सनसनीखेज आरोप है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने फैसला सुनाते हुए सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले छह महीने के भीतर इस मामले का ट्रायल (मुकदमा) पूरा नहीं होता है, तो आरोपी नई जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होगी। मेघालय राज्य की ओर से इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए।
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) बताने में हुई एक कथित कमी को आधार बनाकर आरोपी को राहत देकर गलती की है। दरअसल, पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के आधार वाले दस्तावेज में हत्या की धारा (BNS की धारा 103(1)) की जगह गलती से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 403(1) लिख दी गई थी।
सोनम के वकीलों ने ‘मिहिर राजेश शाह मामले’ के फैसले का हवाला देते हुए दलील दी थी कि उसे गिरफ्तारी के आधार ठीक से नहीं बताए गए, इसलिए संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत वह जमानत की हकदार है। निचली अदालतों ने इसे मान लिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया।
पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया, “ऐसा नहीं है कि आरोपी को गिरफ्तारी के आधार बिल्कुल नहीं बताए गए। आधार न बताने और पर्याप्त कारण बताने में अंतर है। पहली श्रेणी गिरफ्तारी को अमान्य कर सकती है, लेकिन दूसरी श्रेणी में यह देखना होता है कि इससे क्या नुकसान हुआ।”
कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि सोनम ने मजिस्ट्रेट के सामने खुद स्वीकार किया था कि उसे गिरफ्तारी के आधार और संबंधित दस्तावेज मिल गए हैं। मजिस्ट्रेट ने भी नियमों के पालन की संतुष्टि को रिकॉर्ड पर लिया था। कोर्ट ने कहा कि भले ही गिरफ्तारी के आधार बताने में कोई कमी रह गई हो, फिर भी जांच एजेंसी को दोबारा गिरफ्तारी करने से रोका नहीं जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हम इस बात से वाकिफ हैं कि जमानत नियम है और जेल एक अपवाद है। लेकिन हम एक ऐसे मामले पर विचार कर रहे हैं, जहां मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर जमानत खारिज करने वाले पिछले आदेश अंतिम हो चुके हैं। ट्रायल शुरू हो चुका है, ऐसे में इस चरण में आरोपी के बाहर रहने से चल रहे मुकदमे में बाधा आ सकती है।”
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, शादी के बाद सोनम अपने पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून के लिए मेघालय गई थी। आरोप है कि वहीं उसने किराए के तीन साथियों की मदद से अपने पति की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को एक गहरी खाई में फेंक दिया। घटना के बाद सोनम लापता हो गई थी, जिसे पुलिस ने बाद में 9 जून, 2025 को गिरफ्तार किया था। इस मामले ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं।