राशन दुकानदारों की बढ़ीं मुश्किलें, OTP गड़बड़ी को लेकर जांच तेज…
बिलासपुर। सरकार ने बुजुर्ग और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की सुविधा के लिए ओटीपी की सुविधा दी है, जिससे उन्हें घर पर राशन उपलब्ध कराया जा सके। इसका गलत फायदा उठा कर राशन दुकानदारों ने सामान्य राशनकार्डधारी को भी ओटीपी से राशन वितरित कर दिया है। जैसे ही यह बात सामने आयी है, वैसे ही सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। बताया जाता है कि भारत सरकार की समीक्षा में अप्रैल, मई और जून के दौरान कई उचित मूल्य दुकानों में ओटीपी से राशन का वितरण अधिक पाया गया। यह देख कर केंद्र के आदेश के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम संचालक ने खाद्य नियंत्रकों को पत्र जारी कर ऐसे दुकानों की शत-प्रतिशत जांच के निर्देश दिए हैं। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करने कहा है।
बताया गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य विभाग ने ओटीपी आधारित राशन वितरण की व्यापक जांच शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। भारत सरकार द्वारा किए गए डाटा विश्लेषण में, यह सामने आया कि राज्य की कई ऑनलाइन उचित मूल्य दुकानों में निर्धारित व्यवस्था के विपरीत बड़ी संख्या में हितग्राहियों को ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न दिया गया। शासन ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत बीपीएल कार्डधारियों को मुफ्त में राशन वितरण किया जा रहा है। वितरण में पारदर्शित बनाए रखने के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम से खाद्यान की आपूर्ति की जा रही है। शासन के निर्देश पर खाद्य विभाग ने अप्रैल से जून माह तक बीपीएल हितग्राहियों को एकमुश्त राशन वितरण किया है। इस माह दुकान संचालकों ने जिले में औसत 18 फीसदी कार्डधारियों को ओटीपी से राशन वितरण किया है। लेकिन शासन ने10 प्रतिशत से अधिक ओटीपी ट्रांजेक्शन वाली दुकानों को जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान राशनकार्डधारियों से सीधे संपर्क कर यह पता लगाया जाएगा कि पॉस मशीनों पर अंगूठे का निशान लगाकर राशन वितरण क्यों नही किया गया। प्रत्येक मामले का विस्तृत पंचनामा तैयार कर निरीक्षण रिपोर्ट के साथ संलग्न करना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों के विपरीत वितरण पाए जाने पर नियंत्रण आदेश 2016 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने तथा विशेष परिस्थितियों को छोड़कर ओटीपी से राशन वितरण पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित मैदानी अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
राज्य सरकार ने नियम जारी कर कहा था कि 10 फीसदी से अधिक ओटीपी वितरण वाली दुकानों की होगी जांच। एक सप्ताह में शत-प्रतिशत निरीक्षण पूरा करने के निर्देश । हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। बायोमैट्रिक खाद्यान क्यों उठाव किया गया बताना होगा। 25 जून तक जांच रिपोर्ट भेजा जाएगा । ओटीपी वितरण पर निगरानी, लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।