मोबाइल डेटा की अवैध बिक्री का खुलासा: IG को आए कॉल से सामने आया मामला, बिलासपुर में 3 के खिलाफ FIR

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बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में निजी मोबाइल डेटा की खरीद-फरोख्त और लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामला तब सामने आया जब लोन ऑफर का एक कॉल खुद बिलासपुर रेंज के IG रामगोपाल गर्ग के पास पहुंच गया। IG के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस की संचालिका समेत 3 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

22 जून को पुलिस लाइन निवासी रविकांत दुबे ने लिखित शिकायत दी थी कि अग्रसेन चौक स्थित ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस के कर्मचारी अवैध रूप से हासिल मोबाइल नंबरों पर कॉल कर पर्सनल, होम, बिजनेस और वाहन लोन का झांसा दे रहे हैं। इसी बीच IG रामगोपाल गर्ग को भी लोन का कॉल आया। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल जांच के निर्देश दिए और खुद निगरानी की।

जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास करीब 1 लाख लोगों का मोबाइल डेटा था। संचालिका उषा कश्यप ने बताया कि उसने यह पूरा डेटाबेस अमन राठौर से सिर्फ पांच हजार रुपये में खरीदा था। अमन से पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह डेटा उसे शेख जुनैद खान उपलब्ध कराता था।

पुलिस के अनुसार शेख जुनैद खान खुद को रियल एस्टेट व्यवसायी बताकर घर-घर जाता था और बातचीत में लोगों के मोबाइल नंबर व अन्य जानकारियां जुटाता था। इसके अलावा सरकारी विभागों, ऑनलाइन डायरेक्टरी और अन्य स्रोतों से भी नंबर इकट्ठे किए जाते थे। बाद में इनका डेटाबेस तैयार कर बेचा जाता था।

सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर कुमार केवट ने बताया कि उषा कश्यप, अमन राठौर और शेख जुनैद खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 62, 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 72(ए) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि डेटा का इस्तेमाल सिर्फ लोन कॉल के लिए हुआ या साइबर ठगी में भी। आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

IG रामगोपाल गर्ग ने कहा कि यदि जांच में व्यक्तिगत जानकारी की चोरी या संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल नंबर, आधार, पैन, बैंक खाते की जानकारी या OTP किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।