मौसम विभाग का नया अपडेट: अगले 24 घंटे कई इलाकों में जोरदार बारिश का अनुमान, कई संभागों के लिए अलर्ट जारी
Weather Update : छत्तीसगढ़ में इस समय मानसूनी हवाएं पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं, जिसके चलते बीते 24 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक रूप से बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिण झारखंड और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के आंतरिक हिस्सों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System) सक्रिय है। इस वेदर सिस्टम के प्रभाव से पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं और आसमान में लगातार घने बादल छाए हुए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह मौसमी सिस्टम अब धीरे-धीरे उत्तरी ओडिशा को पार करते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ेगा। इसके प्रभाव से आने वाले समय में प्रदेश के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, मौसम विभाग का यह भी अनुमान है कि आज यानि 8 जुलाई से प्रदेशभर में बारिश की जो तीव्रता (Intensity) है, उसमें थोड़ी कमी आ सकती है, जिससे आम जनता को लगातार हो रही झमाझम से थोड़ी राहत मिल सकती है।
लगातार हो रही इस मानसूनी बारिश के कारण छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों से लेकर वनांचल तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। बेमेतरा सहित कई मैदानी जिलों में लगातार पानी गिरने से खेतों में पानी का स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है। खेतों में अत्यधिक जलभराव होने के कारण किसानों को धान की बुवाई और रोपाई के काम को फिलहाल रोकना पड़ा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी होगी, खेतों से अतिरिक्त पानी निकलने के बाद किसान दोबारा खेती के काम में तेजी ला सकेंगे।
इस दमदार मानसून की वजह से प्रदेश के तमाम नदी-नाले, तालाब और प्राकृतिक झरने पूरी तरह से लबालब हो गए हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा सेंचुरी क्षेत्र में स्थित माड़ोसिल्ली झरना अपनी पूरी क्षमता के साथ बह रहा है। इसके साथ ही, ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों जैसे जशपुर और सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में मानसूनी हवाओं के साथ घना कोहरा छाया हुआ है। पूरा इलाका कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आ रहा है, जो मानसून की गहरी सक्रियता को दर्शाता है।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जिससे राज्य में नमी का आना लगातार जारी रहेगा। भले ही 8 जुलाई से बारिश की एक्टिविटी में थोड़ी गिरावट आने की बात कही जा रही है, लेकिन स्थानीय प्रभाव और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए अपनी यात्राएं प्लान करें।