आरक्षक भर्ती वेटिंग लिस्ट विवाद: राज्य सरकार की SLP पर आज सुप्रीम कोर्ट करेगा महत्वपूर्ण सुनवाई

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2017 की वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को तत्काल राहत देने से इंकार कर दिया है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की डिवीजन बेंच ने कहा, राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिकाएं SLP, 24 जुलाई की निर्धारित सुनवाई सूची से नहीं हटाई जाएंगी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि मामला तय तिथि पर ही सूचीबद्ध रहेगा।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के 1 फरवरी 2024 दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में पुलिस आरक्षक भर्ती 2017 की वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कहा है, नियम 13(2) के अनुसार पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, मृत्यु, कैडर परिवर्तन, सेवा समाप्ति या अन्य कारणों से रिक्त हुए पद भी वेटिंग लिस्ट से भरे जा सकते हैं। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की 11 रिट अपीलों को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के आदेश में संशोधन किया था। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले के उस हिस्से को निरस्त कर दिया था, जिसमें पदोन्नति, मृत्यु आदि से रिक्त हुए पदों को वेटिंग लिस्ट से भरने पर रोक लगाई गई थी।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा था कि जब नियम 13(2) स्वयं ऐसी रिक्तियों को वेटिंग लिस्ट से भरने की अनुमति देता है तो न्यायालय उस पर अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं लगा सकता। डिवीजन बेंच ने यह भी माना था कि वेटिंग लिस्ट की वैधता अवधि के भीतर अभ्यर्थियों ने अपना दावा प्रस्तुत कर दिया था और लंबित न्यायिक प्रक्रिया के कारण उनके अधिकार समाप्त नहीं किए जा सकते। डिवीजन बेंच ने जिला और वर्गवार रिक्तियों का निर्धारण कर पात्र अभ्यर्थियों पर मेरिट एवं आरक्षण रोस्टर के अनुसार विचार करने के निर्देश दिया था।