छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की ऐतिहासिक उपलब्धि, 6 महीने में 32,747 मामलों का निपटारा; लंबित मामलों में 2.53% की कमी

1154216-hc-high-court

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के प्रयासों से हाई कोर्ट में लंबित प्रकरणों की सुनवाई में तेजी आई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 27 जुलाई 2026 की स्थिति में लंबित प्रकरणों की संख्या घटकर 73,751 हो गई। इन प्रयासों के फलस्वरूप जनवरी, 2026 से आज तक में लंबित प्रकरणों की संख्या में 2.53 प्रतिशत की शुद्ध कमी दर्ज की गई।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में कुल 75,667 प्रकरण लंबित थे। जनवरी, 2026 से 27 जुलाई 2026 तक 30,831 नए प्रकरण संस्थित हुए। इन प्रकरणों के शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप 27 जुलाई 2026 तक कुल 32,747 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया, जिससे 27 जुलाई 2026 की स्थिति में लंबित प्रकरणों की संख्या घटकर 73,751 हो गई। इन प्रयासों के फलस्वरूप जनवरी, 2026 से आज तक में लंबित प्रकरणों की संख्या में 2.53 प्रतिशत की शुद्ध कमी दर्ज की गई। विशेष रूप से उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इस अवधि में निराकरण दर 106.21 प्रतिशत रही, जो यह दर्शाती है कि नए संस्थित प्रकरणों की तुलना में अधिक संख्या में पुराने लंबित प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।

ग्रीष्मावकाश के दौरान लंबित प्रकरणों की संख्या में वृद्धि हुई थी। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अपनी बेंच में अधिक संख्या में प्रकरणों की सुनवाई की। 1 जुलाई से 27 जुलाई 2026 के मध्य मात्र 19 कार्य दिवसों में उन्होंने 2111 प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण कर न्यायिक कार्यों में गति प्रदान की।

रीसेंट पोस्ट्स