राजनांदगांव की बेटी की ऐतिहासिक उपलब्धि, कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर किया प्रदेश का नाम रोशन

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Commonwealth Games 2026: कामनवेल्थ गेम में पहली बार छग से बालिका वर्ग ने रजत पदक जीता हैं। स्काटलैंड में चल रहे कामनवेल्थ गेम में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने रजत पदक जीतकर देश, प्रदेश व जिला का नाम रौशन किया है। उनकी जीत को लेकर सोमवार को जिला ओलंपिक संघ सहित खेल प्रेमियों ने शहर में जश्न मनाया।

स्काटलैंड में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 53 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता है। ज्ञानेश्वरी छत्तीसगढ़ पुलिस में एएसआई भी हैं, जो राजनांदगांव में पदस्थ हैं। राजनांदगांव की बेटी और छत्तीसगढ़ पुलिस की एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। राष्ट्रमंडल खेल 2026 की महिला 53 किलोग्राम भार वर्ग की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत की पदक तालिका में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। ज्ञानेश्वरी की इस सफलता से राजनांदगांव सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है। इससे पहले भी वह एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी है।

ज्ञानेश्वरी यादव के कोच अजय लोहार ने नवभारत को बताया कि, वे दिग्विजय कालेज में वेट लिफि्टंग की प्रैक्टिस किया करती थी। कौरिनभांठा वार्ड 45 में रहने वाले ज्ञानेश्वरी यादव पिता दीपक यादव डेंटल कालेज में इलेक्टि्शियन का कार्य करते है। बताया गया कि वे वर्तमान में राजनांदगांव मुख्यालय में एएसआई के पद में पदस्थ है। कोच ने बताया कि, उनका वेटलिफि्टंग में खास लगाव होने के कारण लगातार प्रैक्टिस किया करती थी। यही कारण है कि सरकारी सेवा देने के बाद भी वे खेल से जुडी रही और इस मुकाम पर पहुंची।

कौरिनभांठा निवासी ज्ञानेश्वरी यादव के इस उपलिब्ध पर उनकी माता दुर्गा यादव के साथ वार्ड के रहवासियों ने खुशी जाहिर की। वहीं ओलंपिक संघ के अध्यक्ष विक्की शुक्ला, सचिव रणविजय प्रताप सिंह व कोच अजय लोहार सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी जूटे रहे और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।

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