अनुकंपा नियुक्ति पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, आवेदन की तारीख को लेकर दिया अहम निर्देश

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बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है, अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन की तीन महीने की अवधि, दिवंगत कर्मचारी की मृत्यु की तारीख से नहीं, बल्कि निर्धारित आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराए जाने की तिथि से गिनी जाएगी। कोर्ट ने कोरबा नगर निगम के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें दिवंगत कर्मचारी के पुत्र संतोष यादव का अनुकंपा नियुक्ति आवेदन समय-सीमा के बाहर होने के आधार पर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि, याचिकाकर्ता के आवेदन पर गुण-दोष के आधार पर 60 दिनों के भीतर नए सिरे से निर्णय ले।

छत्तीसगढ़ कोरबा के काशीनगर निवासी संतोष यादव के पिता गणेश राम यादव नगर निगम कोरबा में हेल्पर, लेबर के पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल के दौरान 26 अप्रैल 2022 को उनका निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद संतोष यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की। नगर निगम की ओर से उसे अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित जानकारी और निर्धारित आवेदन प्रपत्र 30 मई 2022 को उपलब्ध कराया गया। इसके बाद संतोष यादव ने 29 अगस्त 2022 को अपना आवेदन प्रस्तुत कर दिया।

नगर निगम कोरबा ने 5 जून 2025 को आवेदन को निरस्त कर दिया। निगम का कहना था कि दिवंगत कर्मचारी की मृत्यु 26 अप्रैल 2022 को हुई थी और उसके तीन महीने के भीतर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। इसलिए आवेदन को अमान्य कर दिया। निगम के आदेश को चुनौती देते हुए संतोष यादव ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता नूपुर त्रिवेदी ने कहा, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अनुकंपा नियुक्ति संबंधी निर्देशों के क्लॉज 15(1) और 15(2) को निगम ने सही तरीके से लागू नहीं किया। दलील देते हुए कहा, क्लॉज 15 (1) के तहत विभागाध्यक्ष का दायित्व है कि दिवंगत कर्मचारी के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति की जानकारी और निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध कराए। इसके बाद क्लॉज 15 (2) के तहत पात्र आश्रित को प्रपत्र मिलने की तारीख से तीन महीने के भीतर आवेदन प्रस्तुत करना होता है। याचिकाकर्ता को फॉर्म 30 मई 2022 को मिला था और उसने 29 अगस्त 2022 को आवेदन कर दिया। इस लिहाज से आवेदन निर्धारित तीन महीने की अवधि के भीतर था।

नगर निगम की ओर से बताया गया, अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिवंगत कर्मचारी की मृत्यु की तिथि से तीन महीने के भीतर प्रस्तुत किया जाना आवश्यक था। निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं आने के कारण ही उसे नियमों के तहत निरस्त किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया, अधिकारियों ने क्लॉज 15(1) और 15(2) की व्यवस्था को सही तरीके से लागू नहीं किया। कोर्ट ने माना कि पहले विभागीय अधिकारी को दिवंगत कर्मचारी के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति की जानकारी और निर्धारित आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराना होता है। इसके बाद प्रपत्र प्राप्त होने की तिथि से पात्र आश्रित के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की तीन महीने की अवधि शुरू होती है। ऐसे में 30 मई 2022 को फॉर्म मिलने के बाद 29 अगस्त 2022 को किया गया आवेदन निर्धारित अवधि के भीतर था। इसलिए केवल कर्मचारी की मृत्यु की तारीख से तीन महीने की गणना करके आवेदन को समय-बाह्य बताना नियमों के अनुरूप नहीं था।

हाई कोर्ट ने कोरबा नगर निगम में आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने नगर निगम कोरबा के कमिश्नर को निर्देशित किया है, आदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पर गुण-दोष के आधार पर कानून और लागू नियमों के अनुसार नए सिरे से निर्णय लिया जाए।

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