CGPSC भर्ती घोटाला: कोर्ट ने पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

09_12_2022-court_demo
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत ने सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। ईडी रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
टामन सोनवानी को इससे पहले इसी भर्ती घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया था। उनके साथ बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और प्रभावशाली लोगों के परिजनों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन किया गया। अब ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच कर रही है।
CBI की जांच के अनुसार, तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी ने कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्नपत्र अपने निवास पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को उपलब्ध कराया। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने लीक हुआ प्रश्नपत्र बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को सौंपा। आरोप है कि श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका गोयल ने उसी प्रश्नपत्र के आधार पर तैयारी की, जिसके बाद दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ।
CGPSC ने वर्ष 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए। इसके बाद 26 से 29 मई 2022 के बीच आयोजित मुख्य परीक्षा में 509 अभ्यर्थी चयनित हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई।
आरोप है कि पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की अनदेखी करते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव वाले परिवारों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई। योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने करीबी लोगों की नियुक्ति कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंपी थी। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिलने के बाद अब ईडी भी मामले के वित्तीय पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

भौगोलिक संदर्भ

रीसेंट पोस्ट्स