कुलगाम हमला: इलाज के दौरान घायल मजदूर की मौत, नाम पूछकर छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों पर बरसाई थीं गोलियां

जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। शुरुआती जांच के मुताबिक, हमलावरों ने पहले मजदूरों की पहचान और नाम पूछे, फिर हिंदू श्रमिकों को अलग कर नजदीक से गोली मार दी। इस घटना के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमले को कायराना बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम क्षेत्र में स्थित एक ईंट भट्ठे पर शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे हुआ।
मृतकों की पहचान सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे (24) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र (28) के रूप में हुई है। घटना के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। दीपक रात्रे करीब एक वर्ष पहले अपनी पत्नी और भाई के साथ रोजगार की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए थे। वे ईंट भट्ठे में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही सक्ती जिले के बुंदेली गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशासन ने परिजनों को सूचना देकर पार्थिव शरीर को छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं, भूपेंद्र सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में दो साल का बेटा, बहन और दादी हैं। घटना की सूचना के बाद गांव में मातम का माहौल है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने पहले प्रवासी मजदूरों से उनके नाम पूछे और फिर दो हिंदू श्रमिकों को समूह से अलग कर गोली मार दी। उस समय ईंट भट्ठे पर कई अन्य प्रवासी मजदूर भी मौजूद थे, लेकिन हिंदू सिर्फ यही दोनों थे। घटना के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी गई।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि हमले में एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकी शामिल हो सकता है। शुरुआती जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ नामक संदिग्ध पर है, जो पिछले वर्ष लश्कर-ए-तैयबा/द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अगस्त से नवंबर तक कश्मीर में सेब की तुड़ाई का मौसम रहता है, जिसमें बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर पहुंचते हैं। ऐसे समय में प्रवासी श्रमिकों पर हुआ यह हमला सुरक्षा व्यवस्था और बागवानी क्षेत्र दोनों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे कायराना आतंकी हमला बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की हत्या अत्यंत पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जम्मू-कश्मीर प्रशासन के संपर्क में है और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। साथ ही दोनों श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।