जांच पूरी होने के बावजूद 1.40 लाख मामलों की क्लोजर रिपोर्ट लंबित, हाई कोर्ट ने DGP से मांगा शपथ पत्र

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच प्रक्रिया में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें जांच पूरी होने के बावजूद संबंधित न्यायालय में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई है। हाई कोर्ट में पेश DGP के स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक 10 अगस्त 2026 तक ऐसे मामलों की संख्या 1,40,450 है। हालांकि पुलिस ने 20 मई से 10 अगस्त के बीच 82 दिनों में 7,264 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले को अक्टूबर में फिर सुनवाई के लिए रखने का निर्देश दिया है।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के 22 जुलाई के आदेश के परिपालन में पुलिस महानिदेशक की ओर से शपथपत्र पेश कर, 10 अगस्त तक की स्थिति की जानकारी दी कोर्ट को दी गई। कोर्ट ने दस्तावेज का अवलोकन करने के बाद पाया कि 20 मई 2026 को जांच पूरी होने के बावजूद 1,47,714 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई थी। इसके बाद 82 दिनों में 7,264 मामलों की रिपोर्ट संबंधित न्यायालयों में दाखिल की गई। इससे लंबित मामलों की संख्या घटकर 1,40,450 रह गई।
कोर्ट ने मामले को अक्टूबर 2026 में फिर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। तब तक छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक को नया शपथ पत्र पेश कर जांच पूरी होने के बावजूद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल नहीं किए गए मामलों की अद्यतन स्थिति बतानी होगी।
10 अगस्त 2026: 1,40,450 मामले लंबित
20 मई 2026: 1,47,714 मामले लंबित
82 दिनों में: 7,264 क्लोजर रिपोर्ट दाखिल
किसी आपराधिक मामले में जांच पूरी होने के बाद यदि पुलिस को आगे अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिलता है या मामला समाप्त किए जाने योग्य पाया जाता है, तब संबंधित न्यायालय के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है। अंतिम निर्णय न्यायालय के स्तर पर होता है। ऐसे में जांच पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट लंबित रहने से मामलों के न्यायिक निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।