रामगोपाल अग्रवाल मामला : देर रात तक ED की कार्रवाई, 8 ठिकानों पर छापे और 1.56 करोड़ कैश जब्त

रायपुर। कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई गुरुवार देर रात तक जारी रही। करीब 10 घंटे से अधिक चली तलाशी के बाद ED की टीमें कई ठिकानों से लौट गईं। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर, धमतरी और दुर्ग में तलाशी का दायरा बढ़ाते हुए कुल 8 ठिकानों पर जांच की गई, जहां से 1.56 करोड़ रुपये से अधिक बेहिसाब नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।
गुरुवार सुबह करीब 6 बजे ED के 30 से अधिक अधिकारी और 50 से ज्यादा हथियारबंद CRPF जवान अलग-अलग टीमों में कई रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों में पहुंचे। जिन प्रमुख ठिकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें रायपुर के अनुपम नगर स्थित रामगोपाल अग्रवाल का निवास, धमतरी के सिहावा रोड स्थित उनका घर, रायपुर के रवि नगर में उनके भतीजे अनूप अग्रवाल के परिसर और धमतरी में भतीजे प्रतीक अग्रवाल से जुड़े ठिकाने शामिल हैं। इसके अलावा दुर्ग में बिल्डर सजल जैन और विश्वास गुप्ता से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई।
ED सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान अधिकांश नकदी कार्यालय परिसरों से बरामद हुई। जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री भी जब्त की है। इनसे कथित अवैध लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
तलाशी की कार्रवाई देर रात तक चलती रही। ED की टीमें जब्त दस्तावेजों और अन्य सामान की सूची तैयार करने के साथ ही संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज करती रहीं। ये बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, बरामद नकदी की कुल रकम 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है।
ED ने हाल में अदालत में दिए अपने बयान में रामगोपाल अग्रवाल पर अपराध से करीब 72 करोड़ रुपये की कथित कमाई से जुड़े आरोप लगाए हैं। एजेंसी का दावा है कि रायपुर स्थित राजीव भवन में उन्हें कथित तौर पर नकदी पहुंचाई गई थी, जिसे बाद में उनके निर्देश पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस भवन भेजा गया। ED के मुताबिक, हर महीने 1 से 2 करोड़ रुपये कथित तौर पर अपने पास रखे और वितरित किए जाते थे।
बताया गया है कि 11 अगस्त को रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद ED ने स्पेशल कोर्ट के समक्ष दावा किया था कि कथित शराब सिंडिकेट ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच करीब 2,883 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय जुटाई थी।
इससे पहले जुलाई में कोयला लेवी, शराब और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों में राज्य की EOW और ACB भी रामगोपाल अग्रवाल को हिरासत में ले चुकी है। फिलहाल वह रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।