सोशल मीडिया पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की फोटो पर आपत्तिजनक टिप्पणी पड़ी भारी, दो आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई

कबीरधाम। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों के मामलों में साइबर थाना कबीरधाम पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अखिलेश कौशिक के दिशा-निर्देशन और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार शंकर राठौर के नेतृत्व में प्रकरणों की विवेचना की जा रही है।
पहला मामला प्रकरण क्रमांक 08/2026 से संबंधित है। पुलिस के मुताबिक, शिवाजी कॉलोनी वार्ड क्रमांक 01, कवर्धा निवासी राकेश साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मित्र नरेश निर्मलकर ने फेसबुक पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की तस्वीर पोस्ट की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस तस्वीर पर वरूण राजपूत ने कथित तौर पर आपत्तिजनक, अभद्र और अश्लील भाषा में कमेंट किए।
शिकायत के आधार पर साइबर थाना कबीरधाम में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दूसरा मामला प्रकरण क्रमांक 09/2026 का है। घोठिया रोड वार्ड क्रमांक 26, कवर्धा निवासी योगेश महाजन ने शिकायत में आरोप लगाया कि जित्तू चंद्रवंशी ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की तस्वीर फेसबुक स्टोरी में लगाकर उसके संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक, अभद्र और अश्लील कमेंट किए।
पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध स्क्रीनशॉट के आधार पर धारा 296 भारतीय न्याय संहिता और धारा 67 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में संबंधित फेसबुक अकाउंट, कमेंट और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी एवं वैधानिक जांच की जा रही है। साइबर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।
कबीरधाम पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करें और किसी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या नागरिक के खिलाफ आपत्तिजनक, अभद्र, अश्लील अथवा अपमानजनक टिप्पणी करने से बचें। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियां डिजिटल साक्ष्य के रूप में जांच का हिस्सा बन सकती हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।