रायपुर प्रेस क्लब में सदस्यता विवाद पर बवाल, पदाधिकारियों पर तानी पिस्टल; हवा में दिनदहाड़े फायरिंग करने वाला युवक गिरफ्तार

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रायपुर : राजधानी रायपुर स्थित प्रेस क्लब में शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सदस्यता को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने पिस्टल निकालकर दो पदाधिकारियों को निशाना बना लिया। आरोपी ने दोनों पर हथियार तानकर धमकी दी और इसके बाद हवा में फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस घटना से प्रेस क्लब परिसर में मौजूद लोगों के बीच दहशत फैल गई।

मामले में प्रेस क्लब प्रबंधन की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी पलाश तिवारी को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की वजहों के साथ हथियार से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

जानकारी के मुताबिक, पलाश तिवारी प्रेस क्लब की सदस्यता लेना चाहता था, लेकिन सदस्यता नहीं मिलने के कारण वह नाराज चल रहा था। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार 24 अक्टूबर की शाम वह प्रेस क्लब पहुंचा। यहां उसने पदाधिकारियों से सदस्यता को लेकर बातचीत शुरू की।

शुरुआत में बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवक ने पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ गया कि उसने अपनी पिस्टल निकाल ली।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष दिनेश यदु और कार्यालय सचिव शिव दत्ता पर पिस्टल तान दी। उसने दोनों को धमकाया। इसके बाद परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

आरोप है कि युवक ने इसी दौरान पिस्टल से हवा में गोली चला दी। घटना शनिवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। फायरिंग के बाद प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

घटना को लेकर प्रेस क्लब प्रबंधन की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई। शिकायत में बताया गया कि 24 अक्टूबर की शाम परिसर में विवाद और हंगामा हुआ था। इस दौरान पलाश तिवारी ने पिस्टल दिखाकर पदाधिकारियों को धमकाया और हवाई फायरिंग की।

प्रेस क्लब प्रबंधन ने घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पदाधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से परिसर की शांति और वहां आने वाले पत्रकारों की सुरक्षा प्रभावित होती है।

शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी पलाश तिवारी की तलाश में जुट गई। पुलिस ने शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस वजह से बढ़ा, फायरिंग के दौरान वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और आरोपी के पास पिस्टल कहां से आई। हथियार लाइसेंसी है या अवैध, इस संबंध में भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

प्रेस क्लब जैसे सार्वजनिक और महत्वपूर्ण स्थान पर पिस्टल निकालकर धमकाने और फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में पत्रकारों और अन्य लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में सदस्यता जैसे विवाद का हथियार तक पहुंच जाना गंभीर चिंता का विषय है।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों, हथियार की स्थिति और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

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