150 फर्जी सिम कार्ड से चल रहा था ठगी का खेल, डॉक्टर से 34 लाख ऐंठने वाला आरोपी इंदौर से गिरफ्तार

रायगढ़ : ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डॉक्टर से 34 लाख 17 हजार रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में चौथे आरोपी रईस खान को इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी शेयर ब्रोकिंग कंपनी में सब-ब्रोकर के रूप में काम करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से कार, लैपटॉप, मोबाइल सहित करीब 12 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य करीब 150 फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क करते थे। ऑनलाइन निवेश और शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराकर ठगी की जाती थी।
मामले की शिकायत सोनकरपारा, जूटमिल निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने 27 मई 2026 को दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में सुनील नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क कर स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने का प्रस्ताव दिया था। आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक पोर्टफोलियो भी भेजा, जिसमें निवेश की रकम पर लगातार मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया था।
इस झांसे में आकर डॉक्टर ने 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 34 लाख 17 हजार 531 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो पैसे नहीं मिले। उल्टा आरोपियों ने उनसे और अधिक निवेश करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी रईस खान ने 24 जून 2025 को डॉक्टर को चार बार फोन किया था। इस दौरान उसने डीमैट अकाउंट खुलवाने और शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से टाटा नेक्सॉन कार, लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, एटीएम और क्रेडिट कार्ड सहित लगभग 12 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस ने मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच की तो गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में ज्योति मालवीय के नाम पर 23 सिम कार्ड मिले। पूछताछ में गिरोह को 100 से 150 सिम कार्ड उपलब्ध कराने की बात सामने आई। इसके अलावा तनीषा पाटिल की भूमिका भी उजागर हुई। उसके माध्यम से डीमैट खाते खुलवाने और निवेश कराने का काम किया जाता था।
इस मामले में पुलिस पहले ही तरुण नगर, तनीषा पाटिल और ज्योति मालवीय को गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच के दौरान रईस खान का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे इंदौर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
