छत्तीसगढ़ NEET PG काउंसलिंग: MD-MS की सीट आवंटन सूची जारी, टॉपर्स की पहली पसंद बनी मेडिसिन और रेडियोलॉजी, 10 नवंबर तक लेना होगा एडमिशन

nursing college

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की पढ़ाई करने के इच्छुक अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MD-MS पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीट आवंटन सूची जारी कर दी गई है। इस बार काउंसलिंग में जनरल मेडिसिन और रेडियो डायग्नोसिस का दबदबा देखने को मिला है। टॉप-10 अभ्यर्थियों में 6 ने जनरल मेडिसिन, 3 ने रेडियो डायग्नोसिस और एक ने डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग) विषय चुना है।

इस बार की काउंसलिंग में सबसे ज्यादा चर्चा इन-सर्विस कैटेगरी की महिला डॉक्टर की है, जिन्होंने टॉप रैंक हासिल की है। उन्हें इन-सर्विस श्रेणी के तहत 30 बोनस अंक मिले हैं। प्रवेश के लिए चयनित अभ्यर्थियों को 10 नवंबर तक एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया नवा रायपुर स्थित हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित की जाएगी।

NEET PG काउंसलिंग में जनरल मेडिसिन और रेडियो डायग्नोसिस लगातार छात्रों की पसंद बने हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी टॉप-50 अभ्यर्थियों में सबसे ज्यादा उम्मीदवारों ने जनरल मेडिसिन को चुना है। इसके बाद रेडियो डायग्नोसिस का स्थान है। छत्तीसगढ़ की सीट आवंटन सूची में भी यही रुझान दिखाई दिया है।

पिछले साल टॉप-10 में शामिल 6 अभ्यर्थियों ने जनरल मेडिसिन और 4 ने रेडियोलॉजी का चयन किया था। यानी शीर्ष दस में जगह बनाने वाले सभी छात्रों ने केवल दो विषयों को ही प्राथमिकता दी थी। पहले ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (स्त्री एवं प्रसूति रोग) और पीडियाट्रिक्स (शिशु रोग) जैसे विषय भी टॉपर्स की पसंद में शामिल रहते थे।

इस बार टॉप रैंक हासिल करने वाली अभ्यर्थी ने रेडियो डायग्नोसिस का चयन किया है। वहीं, जनरल मेडिसिन को भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्राथमिकता दी है।

इस बार की काउंसलिंग में इन-सर्विस कैटेगरी की महिला डॉक्टर का टॉप करना खास चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्हें 30 बोनस अंक मिले, जिनकी मदद से उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया। बताया जा रहा है कि बोनस अंकों के आधार पर किसी महिला डॉक्टर के टॉप करने का यह पहला मामला है।

इससे पहले सामान्य तौर पर एमबीबीएस के बाद सीधे NEET PG परीक्षा में शामिल होने वाले फ्रेशर अभ्यर्थी टॉप रैंक में जगह बनाते रहे हैं। इन-सर्विस डॉक्टरों को दिए जाने वाले बोनस अंकों को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। कुछ मामलों में बोनस अंकों के कारण अभ्यर्थियों को बेहतर सीटें मिलने पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। शिकायतों के बाद सीट आवंटन में बदलाव भी हुए और कुछ उम्मीदवारों की रैंक प्रभावित हुई।

हालांकि, इस बार अब तक बोनस अंकों को लेकर किसी तरह की शिकायत सामने नहीं आई है।

MD-MS पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चयनित अभ्यर्थियों को 10 नवंबर तक संबंधित मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

इस बार प्रवेश का कार्यक्रम दिवाली और अन्य त्योहारों के बीच निर्धारित किया गया है। 8 नवंबर को दिवाली और रविवार होने के कारण एडमिशन प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज है।

काउंसलिंग से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान भी प्रवेश प्रक्रिया जारी रहने से अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश पूरा करना अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है।

छत्तीसगढ़ के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में MD-MS पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश की प्रक्रिया अलग से आयोजित की जाएगी। इसके लिए नवा रायपुर स्थित हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी परिसर को निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को सीट आवंटन सूची में दिए गए निर्देशों के अनुसार जरूरी दस्तावेजों और प्रवेश संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीएमई डॉ. विष्णु दत्त के अनुसार, NEET PG में टॉप रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की पसंद लंबे समय से जनरल मेडिसिन और रेडियो डायग्नोसिस रही है। हालांकि, इस बार ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी और पीडियाट्रिक्स जैसे विषयों को टॉपर्स में से किसी ने नहीं चुना, जो ध्यान देने वाली बात है।

उनका कहना है कि डर्मेटोलॉजी यानी त्वचा रोग भी अब मेडिकल छात्रों के बीच लोकप्रिय विषय बन रहा है। छात्र ऐसे स्पेशलाइजेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनमें भविष्य में खुद की प्रैक्टिस शुरू करने और बेहतर करियर बनाने की संभावनाएं हों।

इसके विपरीत, नॉन-क्लीनिकल विषयों की सीटों को लेकर छात्रों में अपेक्षाकृत कम रुचि दिखाई दे रही है। इससे स्पष्ट है कि मेडिकल पीजी में विशेषज्ञता चुनते समय छात्र अब पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य की कमाई, करियर और निजी प्रैक्टिस की संभावनाओं को भी महत्व दे रहे हैं।