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पांच जिलों में होगी गुड़ की जांच

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रायपुर। प्रदेश में पहली बार खाद्य विभाग पांच जिलों में गुड़ में मिलावट की जांच करेगा। इसके पहले प्रदेश में कभी भी गुड़ में मिलावट की जांच नहीं हुई है। जिन पांच जिलों को गुड़ की जांच के लिए चुना गया है, उनमें रायपुर, कवर्धा, अंबिकापुर, जांजगीर-चांपा और बस्तर जिले के नाम है। खाद्य विभाग की टीमें इन जिलों में फरवरी में रैंडमली सैंपल कलेक्ट करेगी। जिसके बाद गुड़ में किन तत्वों की मिलावट की जा रही है, जांच की जाएगी। दरअसल, एफएसएसएआई यानी भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने चुने हुए राज्यों को पहली बार गुड़ की जांच के लिए निर्देश जारी किए हैं। जिसमें छत्तीसगढ़ का नाम भी शामिल है। हर जिले से दो दर्जन से अधिक सैंपल कलेक्ट करने का टारगेट रखा गया है। सैंपलों की जांच फूड एंड ड्रग विभाग की एडवांस लैब में की जाएगी। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में एडवांस लैब का सेटअप बनने के बाद अब खाने पीने की चीजों में मिलावट की स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है। इसमें अनाज, फल, सब्जियों की जांच भी शामिल है। एडवांस लैब में प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री और लिक्विड केमोट्रोग्राफी तकनीक के जरिए सभी तरह के खाद्य पदार्थों में हैवी मेटल्स, पेस्टीसाइड आदि की जांच भी की जा सकती है।

फूड एंड ड्रग विभाग के अफसरों के मुताबिक इसके पहले कभी भी प्रदेश में गुड़ में मिलावट की जांच नहीं की गई है। इसलिए इस बात का पता लगाना एक नई तरह की पहल होगी। इसके जरिए गुड़ में मिलावट कर रहे लोगों पर एक्शन भी लिया जा सकेगा। वहीं मिलावट किस तरह से हो रही इसकी भी व्यापक तौर पर पड़ताल हो सकेगी। प्रदेश में स्थानीय स्तर पर गुड़ बनाने के साथ अन्य राज्यों से भी गुड़ बुलाया जाता है। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्देशों के मुताबिक खाने पीने के ऐसे सभी सामान जो रोजमर्रा लोग खा पी रहे हैं, उनमें मिलावट को रोकने के लिए अब हर तरह की चीजों की जांच का सिस्टम बनाया जा रहा है। प्रदेश की एडवांस लैब में खाद्य पदार्थों में घातक रसायनों के साथ धातुओं की जांच भी की सकती है।