IAS Cadre Change Rules: क्या आईएएस अफसर शादी करते ही बदल सकते हैं कैडर? समझ लें 10 नियम, इनके हिसाब से होगा फैसला

नई दिल्ली (IAS Cadre Change Rules). यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद सरकारी अफसर बनकर भी संघर्ष का दौर जारी रहता है| यूपीएससी परीक्षा के तीनों चरणों में सफल होने और ट्रेनिंग पूरी कर लेने के बाद ही कैडर एलोकेट किया जाता है| ज्यादातर मामलों में किसी आईएएस या आईपीएस अफसर को होम कैडर में नियुक्ति नहीं मिलती है| हालांकि रैंक हाई होने या होम राज्य में रिक्त पद ज्यादा होने पर होम कैडर में सरकारी नौकरी मिल भी सकती है (IAS Cadre Allocation Rules)|
कई महीनों की कठिन ट्रेनिंग के बाद प्रशिक्षु अफसरों को UPSC में रिक्त पदों के हिसाब से विभिन्न कैडर में पोस्टिंग मिलती है| एक बार कैडर अलॉट हो जाए तो उसे बदल पाना मुश्किल होता है| आमतौर पर कैडर अलॉटमेंट उम्मीदवार की प्रिफरेंस के आधार पर किया जाता है लेकिन कई बार विभिन्न परिस्थितियों में अफसर उसे बदलने की रिक्वेस्ट डालते हैं| कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ऑफिशियल वेबसाइट doptcirculars.nic.in पर आईएएस कैडर पॉलिसी का पीडीएफ देख सकते हैं|
IAS Cadre Change Rules: अफसर शादी के बाद कैडर कैसे बदल सकते हैं?
ज्यादातर आईएएस या आईपीएस अफसर अपने समान ही किसी सरकारी अफसर से शादी करते हैं| इनमें से कुछ की मुलाकात यूपीएससी कोचिंग में, कुछ की मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान और कुछ की सर्विस के दौरान होती है (IAS Love Story). आईएएस अफसरों के लिए शादी के बाद कैडर बदलना आसान हो जाता है (IAS Marriage)| हालांकि इसके लिए भी कुछ शर्तें तय की गई हैं|
1- आईएएस अफसर शादी के बाद अपने पार्टनर यानी पति/पत्नी के कैडर में ट्रांसफर के लिए अर्जी डाल सकते हैं| हालांकि इस मामले में भी होम कैडर में जॉइनिंग मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है|
2- जब कोई अफसर शादी के बाद इंटर कैडर ट्रांसफर का अनुरोध करता/करती है तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है कि क्या वह कैडर (राज्य) उस अफसर को अपने यहां लाने के लिए तैयार है| अगर वहां वैकेंसी नहीं होगी या कोई दूसरा इश्यू होगा तो ट्रांसफर रुक सकता है|
3- अगर दोनों ही पार्टनर्स के कैडर उनमें से किसी एक को अपने यहां पोस्टिंग देने के लिए तैयार नहीं हैं तो सरकार किसी तीसरे कैडर में ट्रांसफर करने के बारे में भी सोच सकती है| इस मामले में फैसला लेना जटिल हो जाता है|
4- इंटर कैडर ट्रांसफर सिर्फ तभी मुमकिन है, जब पति और पत्नी, दोनों ही अखिल भारतीय सर्विस में हों (IAS Transfer)| अगर आईएएस/आईपीएस/आईएफएस अफसर अन्य विभागों के केंद्रीय/राज्य/पीएसयू एंप्लॉई से शादी करता है तो इस ट्रांसफर की अनुमति नहीं मिलेगी|
5- कभी-कभी किसी बड़े मामले या बहुत मुश्किल परिस्थिति में भी कैडर बदलने की अनुमति मिल जाती है| लेकिन यहां भी होम कैडर में ट्रांसफर मिल पाना मुश्किल है|
6- कभी-कभी सरकार खुद ही आईएएस अफसरों का तबादला दूसरे कैडर में कर देती है| यहां उन्हें होम कैडर में भी नियुक्ति मिल सकती है|
7- होम कैडर में ट्रांसफर के लिए सर्विस में 9 साल पूरे हो जाना जरूरी है| कोई भी आईएएस अफसर अपने होम कैडर में 5 साल की सर्विस कर सकता है| इसमें भी शर्त यह है कि लगातार 3 साल से ज्यादा का वक्त नहीं होना चाहिए|
8- शादी के आधार पर इंटर कैडर ट्रांसफर को मंजूरी देने की पावर कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव को सौंपी गई है| हालांकि कुछ मामलों में कैबिनेट की नियुक्ति समिति को भी अनुरोध भेजा जा सकता है|
9- अगर पति-पत्नी दो अलग-अलग अखिल भारतीय सेवाओं में हैं, जिनमें से एक आईएएस है तो इस मामले पर डीओपीटी में कार्रवाई की जाएगी|
10- अगर पति-पत्नी में से कोई एक IPS है और दूसरा IFoS में है तो इस मामले पर गृह मंत्रालय में विचार किया जाएगा|