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बर्खास्त 2621 बीएडधारी सहायक शिक्षकों के समायोजन के लिए 17 से ओपन काउंसिलिंग, समय सारिणी जारी

samayojan

रायपुर। बर्खास्त 2621 बीएडधारी सहायक शिक्षकों के समायोजन घोषणा के बाद अब प्रक्रिया शुरू हो गई है. सहायक शिक्षक विज्ञान पद पर समायोजन के लिए 17 से 26 जून तक एससीईआरटी परिसर शंकर नगर रायपुर में ओपन काउंसिलिंग का आयोजन किया जाएगा. काउंसिलिंग के बाद अभ्यर्थी द्वारा चुने गए विद्यालय के लिए नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा.

स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दस्तावेजों का सत्यापन जिला शिक्षा अधिकारी 25 जून से 4 जुलाई तक करेंगे. बीएड अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने के 7 दिन के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा. काउंसिलिंग के लिए 29 जिलों के 103 विकासखंडों की 1520 शालाओं से 2621 रिक्त पद लिए गए हैं. इनमें दुर्ग-रायपुर-बिलासपुर एवं चांपा-जांजगीर जिले को शामिल नहीं किया गया है. अधिसूचित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेजेस शामिल होने के कारण सेजेस विद्यालयों को भी शामिल किया गया है.

गौरतलब है कि बीएड अथ्यर्भियों के प्रकरण पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा अनुसार बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग, अधिसूचित विकासखण्डों व इससे संलग्न निकट के विकासखण्ड एवं राज्य के सीमावर्ती विकासखण्डों में स्थित शालाओं की रिक्तियों को शामिल किया गया है. संलग्न विकासखण्डों को शामिल करते समय यह ध्यान रखा गया है कि वे मुख्यालय से दूर हो एवं वहाँ शिक्षकों की उपलब्धता कम हो.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 अप्रैल को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उन्हें सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया था. हटाये गए बी.एड अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित करने तथा समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर करने इसी प्रकार कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने के लिए 3 वर्ष की अनुमति देने का निर्णय लिया गया था. साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण देने और अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन करने का निर्णय लिया गया था.