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सीएम साय ने कहा – बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस, कार्यक्रम में राष्ट्रपति हो सकती हैं शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यशाला में शिरकत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “भगवान बिरसा मुंडा ने न केवल जनजातीय समाज को एकजुट किया बल्कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाई।”

कार्यशाला का आयोजन भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा किया गया था। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव, राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, सहित प्रदेश व जिला पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर पूरे देश के आदिवासी समुदाय को गर्व की अनुभूति कराई है।”

उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के जनजातीय समाज के विकास के लिए ठोस योजनाओं पर काम कर रही है — शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और परंपरागत संसाधनों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश ने कहा कि भाजपा का मूल दर्शन “सबका साथ, सबका विकास” तभी पूर्ण होगा जब समाज के हर वर्ग को बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें यह सिखाता है कि अपने अधिकारों और संस्कृति के लिए संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता।