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कुएं में मिले शव को अपना लापता बेटा समझ किया अंतिम संस्कार, खुद की मौत की की खबर सुन लौट आया बेटा…पढ़ें अजीब मामला

surajpur chhatisgarh

सरगुजा| कुएं में मिले शव को अपना लापता बेटा समझ परिजन ने अंतिम संस्कार कर दिया। तीन दिन बाद जब वह जिंदा लौटा तो परिजन-रिश्तेदार स्तब्ध रह गए। मामला सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र की है। दरअसल, एक नवंबर को देवीपुर-मानपुर सीमा के पास एक कुएं में एक युवक का शव मिला था। पुलिस ने शव की पहचान चंद्रपुर निवासी पुरुषोत्तम उर्फ घाटा के रूप में की थी, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज थी। शव की खराब स्थिति और कपड़ों की समानता के कारण परिवार ने भी पुष्टि कर दी।

इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर परिजन-रिश्तेदार शोक मनाने लगे। अंतिम संस्कार करने के बाद जब तीसरा कार्यक्रम चल रहा था, तब एक रिश्तेदार ने बताया कि पुरुषोत्तम अंबिकापुर में अपने एक रिश्तेदार के यहां रह रहा है और वह जिंदा है। यह सुनते ही परिजन-रिश्तेदार और ग्रामीण स्तब्ध रह गए। वहीं दूसरी ओर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद चार नवंबर को बेटा अपने घर जिंदा लौट आया।

थाना प्रभारी विमलेश दुबे ने बताया कि शव की वास्तविक पहचान की जा रही है। इसके लिए आसपास के इलाकों में गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद भी ली जा रही है। वहीं, मां पुरषोत्तम की मां मानकुंवर ने बताया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुएं से मिला शव उनके बेटे का नहीं था।  हमने तीजनहावन तक कर लिया था, दशगात्र बाकी था। अब बेटा लौट आया तो भगवान का धन्यवाद है।

इसी तरह कोरबा जिले के गेवरा में भी 9 सितंबर को ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां नदी के पानी में एक युवक का शव डंगनिया क्षेत्र में मिला। उसके हाथ पर आर अक्षर का टैटू देख उसकी पहचान एक परिवार ने अपने लापता बेटे के रूप में की थी।

इसके बाद परिजन उसका अंतिम संस्कार अगले दिन करने वाले थे कि वह रात 11 बजे जिंदा घर पहुंचा तो वहां मौजूद लोग उसे भूत समझ डरकर इधर-उधर भागने लगे। काफी देर के बाद परिजनों व ग्रामीणों को विश्वास हुआ कि शव किसी और युवक का है और जो सामने जिंदा खड़ा है, वही उनका बेटा है।

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