मेरे वो, मुझसे फिजिकली बहुत खुश… प्रोफेसर पति पर लगा रेप का आरोप तो पत्नी ने खोल दिए सारे पत्ते
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में इस समय एक प्रोफेसर काफी सुर्खियों में छाए हुए हैं. वह किसी अच्छे काम नहीं बल्कि रेप के आरोपों की वजह से विवाद में हैं. हालांकि, सच क्या है और झूठ क्या इस बात का अभी खुलासा नहीं हुआ है. मगर, अब इस प्रोफेसर की पत्नी अपने पति के बचाव में आ गई हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह तक कह दिया कि वो जब मुझसे खुश हैं तो किसी और के पास क्यों ही जाएंगे. आइए जानते हैं पूरा मामला…
छात्रा के हैं ये आरोप
26 अक्टूबर को एक पीएचडी स्कॉलर छात्रा ने न्यू आगरा थाने में शिकायत दी. कहा कि बेसिक साइंस विभाग के केमिस्ट्री प्रो. गौतम जैसवार पीएचडी के को-सुपरवाइजर हैं. उन्होंने शादी का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक शोषण किया. शादीशुदा होने के बावजूद झूठे वादे किए. दबाव बनाकर कई बार रेप किया. कहते थे कि वे अपनी शादी से खुश नहीं हैं, पत्नी अच्छी नहीं है. मुझसे शादी करेंगे. मैं उनकी बातों में आ गई. 25 अक्टूबर को भी प्रोफेसर ने मुझे ऑफिस बुलाया. जब मैंने पूछा कि क्या आप मुझे धोखा दे रहे हैं, तो वे भड़क गए. मेरे साथ मारपीट की और मोबाइल तोड़ने की कोशिश की. उसने मेडिकल जांच में लापरवाही के भी आरोप लगाए. कहा कि लेडी लॉयल अस्पताल में मेडिकल हुआ, लेकिन डॉक्टर ने जांच ठीक से नहीं की. दबाव डालकर मुझसे इंटरनल जांच न कराने की सहमति पर साइन करा लिए.
26 अक्टूबर को एक पीएचडी स्कॉलर छात्रा ने न्यू आगरा थाने में शिकायत दी. कहा कि बेसिक साइंस विभाग के केमिस्ट्री प्रो. गौतम जैसवार पीएचडी के को-सुपरवाइजर हैं. उन्होंने शादी का झांसा देकर दो साल तक शारीरिक शोषण किया. शादीशुदा होने के बावजूद झूठे वादे किए. दबाव बनाकर कई बार रेप किया. कहते थे कि वे अपनी शादी से खुश नहीं हैं, पत्नी अच्छी नहीं है. मुझसे शादी करेंगे. मैं उनकी बातों में आ गई. 25 अक्टूबर को भी प्रोफेसर ने मुझे ऑफिस बुलाया. जब मैंने पूछा कि क्या आप मुझे धोखा दे रहे हैं, तो वे भड़क गए. मेरे साथ मारपीट की और मोबाइल तोड़ने की कोशिश की. उसने मेडिकल जांच में लापरवाही के भी आरोप लगाए. कहा कि लेडी लॉयल अस्पताल में मेडिकल हुआ, लेकिन डॉक्टर ने जांच ठीक से नहीं की. दबाव डालकर मुझसे इंटरनल जांच न कराने की सहमति पर साइन करा लिए.
इसके बाद, पुलिस ने प्रो. गौतम के खिलाफ रेप की FIR दर्ज कर ली. 27 अक्टूबर को छात्रा का मेडिकल कराया और बयान दर्ज किए. इसके बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति ने प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया. पुलिस ने मुकदमे के 5 दिन बाद आरोपी प्रोफेसर को वाराणसी से अरेस्ट किया. इस समय प्रोफेसर जेल में बंद हैं. गौरतलब है, इस साल अगस्त में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रो. गौतम जैसवार को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल से बेस्ट टीचर रिसर्च का अवॉर्ड मिला था. आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में एक कॉलोनी में पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं. नैनो साइंस पर कई पेपर पब्लिश हो चुके हैं.
अपने पति को जेल में बंद देख पत्नी कविता का गुस्सा भड़क गया. उन्होंने पत्रकारों से कहा, मेरे पति मुझसे फिजिकली और मेंटली खुश हैं. ऐसे में दूसरी लड़की के पास क्यों जाएंगे? शोध स्टूडेंट्स की तरह वह लड़की (PHD स्कॉलर) भी घर आती थी. उसे पता था कि प्रोफेसर शादीशुदा हैं. उनके बच्चे हैं, फिर कैसे झांसा दिया? मेरे पति को स्किन सोरायसिस है. उस लड़की ने ही कहा था कि खजुराहो में इलाज होता है, इसलिए वह अपने साथ लेकर गई. फिर बरसाना लेकर गई. बोली- वहां एक कुंड में नहाने से बीमारी ठीक हो जाती है. शायद लड़की को नहीं पता था, लेकिन मेरे पति ने मुझे सब बताया था कि किसके साथ जा रहे और क्यों.
कविता ने कहा कि मेरे पति ने मुझे कोई धोखा नहीं दिया है. वह लड़की ही झूठी है. मेरे पति बेगुनाह हैं. उन्हें षडयंत्र के तहत फंसाया गया है. मेरे पति मुझे हर बात बताते थे. वह जहां जाते, मुझे बताते थे. अब मैं उनकी लड़ाई लड़ूंगी. उस लड़की ने जो भी आरोप लगाए हैं. वह सब बेबुनियाद हैं. उस लड़की ने झूठा केस कराया है. मेरे पास उस लड़की (PHD स्कॉलर) की कुछ लोगों के साथ चैट है. उसे मैं कोर्ट में पेश करूंगी. मेरे पति प्रो. गौतम जैसवार अपने कई छात्रों की आर्थिक मदद करते थे, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने की जानकारी मिलती थी उनकी मदद करते थे. इसी तरह इस PHD स्कॉलर की भी की थी. उसकी एलआईसी की कई किस्तें भी भरी थीं.