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गाड़ी में लाल बत्ती और हूटर, सामने पुलिस का टैग… गांजा तस्करों ने स्कॉपियों को बनाया पुलिस पेट्रोलिंग वाहन, तस्करी का अनोखा तरीका देख पुलिस भी रह गई दंग

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जगदलपुर: नशे के सामान की तस्करी के लिए तस्कर तरह-तरह के तरीके आजमाते हैं। जिसमे वह कभी कामयाब हो जाते हैं या तो फिर पकड़े जाते हैं। इसी तरह का ताजा मामला बस्तर जिले से सामने आया है, जहां तस्कर कार को पुलिस पेट्रोलिंग वाहन बनाकर उसमें गांजा तस्करी (Car Ko Police Gadi Banakar Ganja Taskari) कर रहे थे। जिसके अंदर से लाखों रुपए का गांजा बरामद हुआ है।

यह पूरा मामला उड़ीसा सीमा से लगे नगरनार थाना क्षेत्र का है। यहां तस्करों ने गांजा तस्करी के लिए जो तरीका अपनाया है उसे जानकर हर कोई हैरान है। दरअसल, तस्करों ने स्कॉपियों को ही पुलिस पेट्रोलिंग वाहन बना दिया और फिर बेझिझक तस्करी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके कार को पकड़ लिया। वहीं तस्कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार के अंदर से 56 क्विंटल गांजा बरामद किया है, जिसकी किमत लाखों में हैं।

फरार तस्करों की तलाश में जुटी पुलिस

जानकारी के मुताबिक, तस्कर स्कॉपियों को पुलिस पेट्रोलिंग वाहन बनाकर उड़ीसा से छत्तीसगढ़ में दाखिल हुए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो तस्कर हड़बड़ा गए और कार से भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनका पिछा किया। पुलिस को पिछे आते देख तस्कर गाड़ी छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए। वहीं पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके अंदर से 56 क्विंटल गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित किमत 5 लाख 30 हजार रुपए आंकी गई है। फिलहाल पुलिस ने फरार तस्करों की तलाश शुरु कर दी है।

बोलेरो वाहन को महतारी एक्सप्रेस बनाकर शराब तस्करी

बता दें कि इससे पहले राजनांदगांव जिले में बोलेरो वाहन को महतारी एक्सप्रेस की तरह इस्तेमाल कर शराब की तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने 28 सितंबर तो वाहन से 16 पेटी संतरी देशी शराब के साथ ही वाहन को भी जब्त किया था। शराब और वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई थी।

ड्राइवर को किया गया बर्खास्त

दरअसल, राजनांदगांव जिले के छुरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महतारी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा योजना के वाहन क्रमांक सीजी 07-सीपी 3015 के चालक राहुल साहू को पुलिस ने शराब का अवैध परिवहन करते हुए गिरफ्तार किया था। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलने पर राज्य कार्यालय ने संबंधित चालक को सेवा से बर्खास्त कर दिया और इस मामले में जिला समन्वयक 102 महतारी सेवा एक्सप्रेस, रजनीश श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

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