Google Analytics —— Meta Pixel

Short Biography : प्रदेश के पहले पुलिस कमिश्नर IPS डॉ संजीव शुक्ला, जानिए उनका जीवन परिचय ….

IPS-Sanjeev-Shukla-Chhattisgarh

IPS Sanjeev Shukla Biography: शिक्षक के बेटे संजीव शुक्ला ने रायपुर के सरकारी स्कूल से अपनी पढ़ाई शुरू की और राजधानी रायपुर के ही पहले पुलिस कमिश्नर बने। वे 2004 बैच के प्रमोटी आईपीएस हैं। खास बात यह है कि आईपीएस अवार्ड होने के 2 साल पहले से ही संजीव शुक्ला एसपी बन गए थे और डीआईजी बनने के एक साल बाद भी वे एसपी के पद पर कार्य करते रहें। करीबन 2 सालों तक बिलासपुर रेंज का आईजी रहने के बाद सरकार ने उन्हें प्रदेश का पहला पुलिस कमिश्नर अपॉइंटमेंट किया। आइए जानते हैं उनके बारे में…

जन्म और शिक्षा

आईजी संजीव शुक्ला का जन्म 8 जनवरी 1967 को हुआ। उनके पिता पीएल शुक्ला महासमुंद के टीचर रहें और मां शांता शुक्ला कालेज में प्रोफेसर रहीं। संजीव शुक्ला की दो बड़ी बहनें हैं। उनकी एक बहन CA हैं।

संजीव शुक्ला की शुरूआती पढाई सरकारी स्कूल में हुई है। राजधानी रायपुर के महाराणा प्रताप शासकीय स्कूल में संजीव शुक्ला ने पांचवीं तक की पढ़ाई की। फिर छठी से लेकर 12वीं तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई की। राजधानी रायपुर के दुर्गा कॉलेज से उन्होंने बीकॉम और एमकॉम किया।

संजीव शुक्ला पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। पीएससी में वैकल्पिक विषय के तौर पर फॉरेन ब्रिटिश हिस्ट्री और यूरोपियन हिस्ट्री विषय चुना था। सन 1988 प्रथम प्रयास में ही उन्होंने मध्य प्रदेश पीएससी की परीक्षा पास कर ली। डीएसपी में उनका रैंक तीसरा था।

संजीव शुक्ला की हाइट काफी लंबी है। इस विषय में पीएससी के इंटरव्यू में उनसे सवाल भी पूछा गया था। इंटरव्यू बोर्ड के प्रमुख ने उनसे पूछा था कि आपकी ऊंचाई बहुत ज्यादा है तो लोग आपको रास्ते में देखते होंगे।

डॉ संजीव शुक्ला ने सन 1990 में डीएसपी का पद ग्रहण किया| सागर पुलिस प्रशिक्षण अकादमी से ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली पोस्टिंग बतौर ट्रेनी बस्तर संभाग के किरंदुल थाने में थाना प्रभारी के पद पर हुई। दो साल कोंटा एसडीओपी रहे। कोंटा के बाद भानुप्रतापपुर एसडीओपी, भिलाई सीएसपी, इटारसी सीएसपी, नरसिंहपुर सीएसपी, कोरबा सीएसपी, अविभाजित मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सीएसपी रहे। सवा साल तक भोपाल सीएसपी रहने के बाद सन 2000 में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद संजीव शुक्ला ने छत्तीसगढ़ कैडर चुना। तब उनकी पोस्टिंग राजनांदगांव में हुई।

सात साल एडिशनल एसपी

डॉ संजीव शुक्ला का डीएसपी से प्रमोशन के बाद बतौर एडिशनल एसपी पहली पोस्टिंग वर्ष 2001 में दुर्ग जिले में हुई। जहां वे वर्ष 2008 तक लगातार एडिशनल एसपी रहे। बीच में चुनाव के दौरान कुछ समय के लिए वहां से संजीव शुक्ला हटे इसके बाद फिर से वहीं पोस्टेड हो गए।

ढाई साल सीएम सिक्यूरिटी में

संजीव शुक्ला ने सीएम सिक्यूरिटी जैसी महत्वपूर्ण पोस्टिंग भी की है। डॉ0 रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्हें 2008 में एसपी सीएम सिक्योरिटी बनाया गया था। जहां वे ढाई साल रहे।

पांच जिलों के एसपी

संजीव शुक्ला आईपीएस बनने से पहले ही दो जिलों के एसपी रह चुके थे। उन्हें 2013 में आईपीएस अवार्ड हुआ। उन्हें बैच मिला 2004। इससे पहले वे जशपुर और राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक रह चुके थे। एसपी के तौर पर संजीव शुक्ला की पहली पोस्टिंग जशपुर जिले में हुई। जशपुर में डेढ़ साल एसपी रहने के बाद संजीव राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक बनाए गए। राजनांदगांव में उनकी पोस्टिंग करीब तीन सालों तक रही। इसके बाद फिर वे रायगढ़, रायपुर और दुर्ग जिले के एसपी, एसएसपी रहे।

आईपीएस संजीव शुक्ला नक्सल इलाके में डीआईजी भी रहे हैं। दुर्ग एसएसपी के बाद उनकी पोस्टिंग डीआईजी रेंज उत्तर बस्तर कांकेर में हुई थी।

आईजी सीआईडी भी

आईजी प्रमोट होने के बाद संजीव शुक्ला पुलिस मुख्यालय में भी पोस्टेड रहे। उन्हें आईजी सीआईडी की पोस्टिंग मिली थी। उन्होंने पुलिस अकादमी में कुछ दिनों तक डायरेक्टर की भूमिका भी निभाई।

रायपुर का पुलिस कमिश्नर अपाइंट होने से पहले संजीव शुक्ला बिलासपुर के पुलिस महानिरीक्षक रहे। दिसंबर 2023 में बीजेपी की सरकार आने के बाद जनवरी 2024 में उन्हें बिलासपुर पुलिस जोन का आईजी नियुक्त किया गया था।

रीसेंट पोस्ट्स