फुटबॉल का सबसे बड़ा महासंग्राम शुरू: FIFA World Cup 2026 में 48 टीमें, 104 मुकाबले, जानिए भारत में कब देखेंगे मैच

fifa world cup 26

FIFA World Cup 2026: फुटबॉल के दीवानों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। 11 जून से दुनिया के सबसे बड़े खेल महाकुंभ यानी 23वें फीफा मेंस वर्ल्ड कप (FIFA Men’s World Cup 2026) का शंखनाद होने जा रहा है। 11 जून से शुरू होकर 20 जुलाई तक चलने वाला यह टूर्नामेंट फुटबॉल के 96 साल के इतिहास का सबसे भव्य और अनोखा वर्ल्ड कप होने जा रहा है।

इस बार का वर्ल्ड कप कई मायनों में ऐतिहासिक है। पहली बार तीन देश- अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको मिलकर इसकी संयुक्त मेजबानी कर रहे हैं। वहीं, पहली बार टूर्नामेंट का रोमांच दोगुना करते हुए 32 की जगह 48 टीमें चमचमाती ट्रॉफी के लिए एक-दूसरे से भिड़ेंगी।

फीफा वर्ल्ड कप का पहला यानी ओपनिंग मुकाबला 11 जून मेक्सिको के ऐतिहासिक मेक्सिको सिटी में दोपहर 1 बजे (मेक्सिको टाइम) से खेला जाएगा खेला जाएगा। इस समय भारत में रात 12:30 बज रहे होंगे। वहीं भारत में तारीख 12 जून हो जाएगा। उद्घाटन मैच में मेजबान मेक्सिको के सामने साउथ अफ्रीका की चुनौती होगी।

इस मुकाबले के साथ ही मेक्सिको दुनिया का पहला ऐसा देश बन जाएगा, जिसने तीन बार (1970, 1986 और 2026) मेंस फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी की है। इससे पहले साल 2002 में जापान और दक्षिण कोरिया ने मिलकर पहली बार जॉइंट होस्टिंग की थी।

फीफा ने इस बार टूर्नामेंट को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए इसके पूरे फॉर्मेट को बदल दिया है:

टीमें और ग्रुप्स: अब तक वर्ल्ड कप में केवल 32 देश खेलते थे, लेकिन इस बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों को 12 ग्रुप्स में बांटा गया है, जहां हर ग्रुप में 4-4 टीमें हैं।

मैचों की सेंचुरी: टीमों की संख्या बढ़ने से कुल मैचों की संख्या 64 से सीधे बढ़कर 104 हो गई है, जो 16 अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे।

ग्रुप स्टेज में हर टीम 3 मैच खेलेगी। सभी 12 ग्रुप की टॉप-2 टीमें (24 टीमें) सीधे नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी। इसके अलावा, तीसरे स्थान पर रहने वाली 12 टीमों में से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 8 टीमों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इस तरह कुल 32 टीमें नॉकआउट स्टेज (राउंड ऑफ 32) में प्रवेश करेंगी।

अमेरिकी सुपर बाउल की तर्ज पर फीफा इतिहास में पहली बार फाइनल मैच के दौरान एक ग्रैंड हाफटाइम एंटरटेनमेंट शो का भी आयोजन किया जाएगा।

ग्रुप्स के बंटवारे ने कई दिग्गज टीमों की राह मुश्किल कर दी है। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को जहां ग्रुप जे (J) में रखा गया है, वहीं जर्मनी ग्रुप ई (E), पुर्तगाल ग्रुप के (K) और इंग्लैंड ग्रुप एल (L) में है। सबसे ज्यादा कड़ा मुकाबला ग्रुप एच (H) और ग्रुप आई (I) में देखने को मिलेगा, जिन्हें ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहा जा रहा है। स्पेन के साथ ग्रुप एच में उलटफेर करने में माहिर उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमें हैं, जबकि पूर्व उपविजेता फ्रांस के साथ ग्रुप आई में सेनेगल और नॉर्वे जैसी बेहद मजबूत टीमें चुनौती पेश करेंगी। इस महामुकाबले में लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो सहित दुनिया के 1,248 फुटबॉलर्स अपना दम दिखाएंगे।

क्रेग गॉर्डन (सबसे बुजुर्ग): स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन इस वर्ल्ड कप के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। उनकी उम्र 43 साल 162 दिन है। क्रेग 2004 से खेल रहे हैं और देश के लिए 84 मैच खेल चुके हैं।

गिल्बर्टो मोरा (सबसे युवा): मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा महज 17 साल 240 दिन की उम्र में अपना पहला वर्ल्ड कप खेलेंगे। साल 2025 में डेब्यू करने वाले मोरा और गॉर्डन के बीच 25 साल से ज्यादा का फासला है।

इस बार टूर्नामेंट में 20 साल से कम उम्र के 22 युवा खिलाड़ी और 40 वर्ष से अधिक उम्र के 7 दिग्गज खिलाड़ी मैदान पर दिखेंगे।

फीफा के इस नए विस्तार का फायदा छोटे देशों को मिला है। काबो वर्डी (रैंक 68), क्यूरासाओ (रैंक 82), जॉर्डन (रैंक 66) और उज्बेकिस्तान (रैंक 50) की टीमें अपने इतिहास में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के मुख्य ड्रा में खेलती नजर आएंगी। इसके अलावा हैती की टीम 1974 के बाद, जबकि ऑस्ट्रिया, नॉर्वे और स्कॉटलैंड 1998 के बाद इस बड़े मंच पर वापसी कर रहे हैं।

इस बार फीफा ने पुरस्कार राशि (Prize Money) में 50 फीसदी का भारी इजाफा किया है। सभी 48 टीमों के बीच कुल 5,600 करोड़ रुपए से ज्यादा (655 मिलियन अमेरिकी डॉलर) बांटे जाएंगे।

विजेता (Winner): चमचमाती ट्रॉफी उठाने वाली टीम को लगभग 429 करोड़ रुपए (50 मिलियन डॉलर) का इनाम मिलेगा।

उपविजेता (Runner-up): फाइनल हारने वाली टीम को 283 करोड़ रुपए मिलेंगे।

तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 249 करोड़ और चौथे स्थान की टीम को 232 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी।

ब्राजील सबसे सफल; 1930 में हुई थी शुरुआत

फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 1930 में उरुग्वे में हुई थी, जहां मेजबान उरुग्वे ने ही अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर पहला खिताब जीता था। द्वितीय विश्व युद्ध के चलते 1942 और 1946 में यह नहीं खेला जा सका।

इतिहास की बात करें तो ब्राजील रिकॉर्ड 5 बार (1958, 1962, 1970, 1994, 2002) चैंपियन बनकर सबसे सफल टीम है। जर्मनी और इटली ने 4-4 बार, जबकि लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना ने 3 बार (1978, 1986 और पिछला 2022 वर्ल्ड कप) खिताब अपने नाम किया है।

अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होने के कारण ये मुकाबले 12 अलग-अलग टाइम जोन में खेले जाएंगे। भारतीय समयानुसार (IST) मैच देखने वाले फैंस के लिए मुकाबले रात और सुबह के वक्त उपलब्ध होंगे। मैच टाइमिंग्स इस प्रकार हैं:

रात और दोपहर के समय: 9:30 PM, 10:30 PM, 12:30 AM, 1:30 AM, 2:30 AM, 3:30 AM, 4:30 AM।
सुबह के समय: 6:00 AM, 6:30 AM, 7:30 AM, 8:30 AM और 9:30 AM।

टीवी ब्रॉडकास्ट: भारत में मैचों का सीधा प्रसारण जी एंटरटेनमेंट (ZEE) के नए स्पोर्ट्स नेटवर्क ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स’ (Unite8 Sports) पर किया जाएगा।

लाइव स्ट्रीमिंग: मोबाइल और डिजिटल यूजर्स इन मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग जी5 (ZEE5) ऐप और उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर मुफ्त/सब्स्क्रिप्शन के साथ देख सकते हैं।

रीसेंट पोस्ट्स