दुष्कर्म पीड़िता ने मांगी गर्भपात की इजाजत, हाई कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड बनाकर 15 जून से पहले मांगी सीलबंद रिपोर्ट

1154216-hc-high-court

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता की 15 सप्ताह की गर्भावस्था के चिकित्सकीय समापन से जुड़े संवेदनशील मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल के सिंगल बेंच ने जिला अस्पताल कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO को विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठित कर पीड़िता की विस्तृत चिकित्सकीय जांच कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पीड़ित को 12 जून को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थिति होने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य परीक्षण का पूरा खर्च राज्य सरकार को उठाने का निर्देश दिया है।

छत्तीसगढ़ कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता ने रिट याचिका दायर कर अनचाहे गर्भ को समाप्त करने की अनुमति मांगी है। याचिका में कहा है, जब पुलिस ने शिकायत दर्ज कराई तब वह 12 सप्ताह की गर्भवती थी, वर्तमान में गर्भावस्था लगभग 15 सप्ताह की हो चुकी है। पीड़िता ने शपथ पत्र पेश करती हुई कहा है, वह बालिग है और अनचाहे गर्भ को समाप्त कराना चाहती है।

याचिका की सुनवाई जस्टिस रविंंद्र अग्रवाल के सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 संशोधित 2021 के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ तथा रेडियोलॉजिस्ट, सोनोलॉजिस्ट सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा है, पीड़िता की पहचान का सत्यापन एफआईआर के आधार पर किया जाए।

कोर्ट ने पीड़िता को 12 जून को दोपहर दो बजे मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिया है। बोर्ड को उसकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति, गर्भावस्था की अवधि, भ्रूण की स्थिति तथा अर्बाशन या गर्भावस्था जारी रहने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। कोर्ट ने कहा है, पीड़िता की जांच और मेडिकल परीक्षण का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मेडिकल बोर्ड को अपनी रिपोर्ट बंद लिफाफे में 15 जून को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 15 जून को होगी।

पीड़िता की शारीरिक और मानसिक स्थिति की रिपोर्ट,गर्भावस्था की मेडिकल रिपोर्ट, भ्रूण की वर्तमान स्थिति,अर्बाशन से संभावित स्वास्थ्य जोखिम, गर्भावस्था पूरी अवधि तक जारी रहने के प्रभाव्र आवश्यक पैथोलॉजिकल व अन्य जांच रिपोर्ट।