बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: दुष्कर्म प्रकरण की जांच में लापरवाही पर SI को हटाया गया, SSP ने जारी किया आदेश

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी में दो मासूम बहनों के साथ दुष्कर्म के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस पीड़ित और आरोपी के बीच समझौते की कोशिश कर रही थी, पीड़िता के परिजनों की गंभीर आरोप के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने सिरगिट्टी थाना के एसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया है।

पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते कहा है, आरोपी के खिलाफ शिकायत करने के बजाय सिरगिट्टी थाने के अधिकार समझौता करे दबाव बना रहे हैं। पीड़ित बच्चियों की मां ने केंद्रीय गृह मंत्री को शिकायत पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि मामले में पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लापरवाही बरती और परिवार पर समझौते का दबाव बना रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एसआई को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है, पीड़िता के परिजनों की शिकायतों की जांच के लिए एडिशनल एसपी को निर्देशित किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मित कौर चावला इस पूरे मामले की जांच करेगी और एसएसपी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

परिवार का आरोप है कि बच्चियों ने पूछताछ के दौरान बताया था, आरोपी वारदात के समय उन्हें रस्सी से बांधते थे। परिवार ने पुलिस को कथित तौर पर रस्सी और घटनास्थल से जुड़े अन्य संभावित वैज्ञानिक साक्ष्य तत्काल जब्त कर फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। परिवार ने आशंका जताई है कि इससे महत्वपूर्ण सबूत प्रभावित हो सकते हैं। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच के दौरान बच्चियों को बार-बार थाने बुलाया गया, जिससे उन पर मानसिक दबाव पड़ा। पीड़िता की मां ने यह भी कहा है कि आरोपी पक्ष की ओर से अब भी धमकियां दी जा रही हैं और परिवार भय के माहौल में रह रहा है। शिकायत के बावजूद सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में थाना प्रभारी अभय सिंह बैस, उप निरीक्षक शीतल प्रसाद त्रिपाठी और जांच अधिकारी संतोषी अग्रवाल को मामले की जांच से हटाने तथा उनकी भूमिका की विभागीय जांच कराने की मांग की गई है।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा पीड़िता की मां ने जो शिकायत को हमने गंभीरता से लेते हुए जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी होगी उसे बख्शा नहीं जाएगा, कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।