छत्तीसगढ़ में ‘नो बैग डे’ की तैयारी! सप्ताह में एक दिन बिना बैग के स्कूल की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा गया प्रस्ताव
रायपुर| छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन ‘नो बैग डे’ लागू करने की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर राज्यभर के विद्यालयों में इस व्यवस्था को लागू करने का सुझाव दिया है।
अपने पत्र में इदरीस गांधी ने कहा कि सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को बिना स्कूल बैग के स्कूल बुलाया जाए। इस दिन उन्हें केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय जीवनोपयोगी और व्यवहारिक गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि उनका समग्र विकास हो सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि ‘नो बैग डे’ के दौरान बच्चों को प्राथमिक उपचार, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय साक्षरता, योग, खेलकूद, स्थानीय कला, हस्तकला और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। इससे विद्यार्थियों में जीवन कौशल विकसित होंगे और उनकी सीखने की क्षमता भी बढ़ेगी।
इदरीस गांधी ने पत्र में उल्लेख किया कि देश के कई राज्यों में इस तरह की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उनका मानना है कि छत्तीसगढ़ में भी ‘नो बैग डे’ लागू होने से विद्यार्थियों का मानसिक दबाव कम होगा, पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़ेगी और शिक्षा अधिक कौशल आधारित, अनुभवपरक एवं रोचक बन सकेगी।
शैक्षिक संसाधन
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए राज्य के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में सप्ताह में एक दिन ‘नो बैग डे’ लागू करने की मांग की है।