AIIMS-IB में नौकरी का झांसा देकर 84 लाख की ठगी, खुद को ‘सहायक आयुक्त’ बताने वाला आरोपी गिरफ्तार

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रायपुर| राजधानी में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बनकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक ऐसे आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है, जिसने खुद को भारत सरकार के गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताकर कई लोगों से करीब 84 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोपी पर फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करने और एटीएम कार्ड का दुरुपयोग करने का भी आरोप है।

पुलिस के अनुसार, अमलेश्वर निवासी जनार्दन यादव ने शिकायत में बताया कि मार्च-अप्रैल 2024 के दौरान मकान खरीदने के सिलसिले में उसकी मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई थी। आरोपी ने खुद को केंद्र सरकार में सहायक आयुक्त बताते हुए बड़े अधिकारियों से गहरी पहचान होने का दावा किया। लगातार परिवार के संपर्क में रहकर उसने विश्वास हासिल किया।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने जनार्दन यादव की बेटी आकृति यादव को एम्स में क्लर्क और बेटे अर्पित यादव को आईबी में एएसआई की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में उसने 12 लाख रुपये मांगे, जिसे शिकायतकर्ता ने अलग-अलग किश्तों में नकद और ऑनलाइन माध्यम से आरोपी को दे दिया। आरोप है कि रजनीश कुमार राय ने भरोसा जीतने के बाद आकृति यादव और स्वाति यादव के एटीएम कार्ड भी अपने पास रख लिए और उनका गलत इस्तेमाल किया।

इससे पीड़ितों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।  जनार्दन यादव का कहना है कि आरोपी के कहने पर उनके परिचितों ने भी सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे दिए। इनमें रघुनाथ यादव, शैलेश यादव, छाया शर्मा, महेंद्र पाल कौशिक, नेशपाल कौशिक और दिव्यांशु गुप्ता सहित कई लोगों से रकम ली गई। सभी को मिलाकर आरोपी ने करीब 84 लाख रुपये की ठगी की।

जब तय समय बीतने के बाद भी किसी की नौकरी नहीं लगी और हाल ही में आरोपी के फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने की जानकारी सामने आई, तब पीड़ितों ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।