CG VSK App: शिक्षकों का अल्टीमेटम, वेतन में कटौती या देरी हुई तो DPI का घेराव करेगा शिक्षक संघ

रायपुर। वीएसके ऐप को लेकर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी हैं कि अगर टीचरों का वेतन काटा या रूका तो संयुक्त शिक्षक संघ और छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के द्वारा डीपीआई का घेराव और बड़े आंदोलन की घोषणा करेगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने शिक्षा विभाग द्वारा VSK ऐप के नाम पर शिक्षकों का वेतन रोकने अथवा वेतन कटौती जैसी कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि विभाग शिक्षकों के साथ दमनात्मक एवं तानाशाही रवैया अपनाया हुआ है उसे तत्काल बंद करे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत है और शिक्षकों का पूरा ध्यान विद्यार्थियों के गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन पर होना चाहिए। इसके विपरीत विभाग तकनीकी समस्याओं से ग्रस्त VSK ऐप के माध्यम से शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। प्रदेश के अनेक विद्यालयों, विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। लॉगिन, OTP, GPS, सर्वर डाउन, ऐप क्रैश, रिकॉर्ड अपडेट न होना जैसी तकनीकी खामियों के कारण समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों में मोबाइल नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता। वनांचल में बारिश में बाढ़ की स्थिति में शिक्षको को स्कूल पहुंचने में दिक्कते आती है। इसके साथ ही एक ही मोबाइल में एक से अधिक शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज भी की जा रहा है। यह सब स्वयं के मोबाइल में एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने लोकेशन ट्रेस होने आदि के कारण निजता का हनन हो रहा है। जिसका खामियाजा निर्दोष शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।
संयुक्त शिक्षक संघ ने कहा कि विभाग द्वारा इस नई व्यवस्था के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण, प्रभावी तकनीकी सहायता डिवाइस तथा वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है निजी मोबाइल, इंटरनेट रिचार्ज और अन्य संसाधनों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी शिक्षकों पर डाला जा रहा है। तकनीकी त्रुटियों के कारण शिक्षकों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है तथा बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने स्पष्ट कहा कि यदि VSK ऐप की तकनीकी खामियों के आधार पर प्रदेश के किसी भी शिक्षक का वेतन रोका गया, वेतन काटा गया अथवा किसी प्रकार की अनुचित दंडात्मक कार्रवाई की गई, तो संयुक्त शिक्षक संघ शिक्षा विभाग (डीपीआई/डीपीई) कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
संयुक्त शिक्षक संघ ने शासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि VSK ऐप की अनेक तकनीकी समस्या है। प्रशासन चाहे तो उसके स्थान पर उपस्थिति हेतु स्थाई व्यस्था करें। एक बार पुनः शासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन ने कहा है कि शिक्षकों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पूर्णतः बंद की जाए तथा वैकल्पिक उपस्थिति व्यवस्था लागू कर शिक्षकों को भयमुक्त वातावरण में कार्य करने दिया जाए।
प्रदेश में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए संचालित VSK App में आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर शालेय शिक्षक संघ, शासन एवं शिक्षा विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया है। संघ के प्रांत अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा है कि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज न हो पाने को शिक्षक की अनुपस्थिति मानना न्यायोचित नहीं है।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षक डिजिटल उपस्थिति प्रणाली के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे ऐसी व्यवस्था के पक्षधर हैं जो विश्वसनीय और सुचारु रूप से कार्य करे। वास्तविक उपस्थिति के बावजूद यदि तकनीकी कारणों से App में उपस्थिति दर्ज नहीं होती, तो उसकी जिम्मेदारी शिक्षक पर नहीं डाली जानी चाहिए।
संघ के अनुसार विभिन्न शालाओं में निम्न समस्याएं सामने आ रही हैं।
GPS लोकेशन सही से कैप्चर न होना
विद्यालय और App लोकेशन में अंतर
कमजोर नेटवर्क एवं कनेक्टिविटी समस्या
सर्वर में देरी एवं तकनीकी बाधा
App का हैंग होना एवं लॉगिन समस्या
समय पर उपस्थिति दर्ज न हो पाना
इन परिस्थितियों में केवल डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर अनुपस्थिति मानना उचित नहीं है।
संघ ने कहा कि वेतन या कार्रवाई से पहले वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन आवश्यक है। यदि शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होकर शाला उपस्थिति पंजी में दर्ज है और अपने दायित्व निभा रहा है, तो केवल App की त्रुटि के आधार पर उसे अनुपस्थित नहीं माना जाना चाहिए।
शालेय शिक्षक संघ ने मांग की है कि VSK App की तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
केवल App त्रुटि के आधार पर वेतन कटौती न हो।
शाला उपस्थिति पंजी को भी मान्य प्रमाण माना जाए।
दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।
किसी भी कार्रवाई से पहले वास्तविक सत्यापन अनिवार्य हो।
छग शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दूबे ने कहा कि संघ ने कहा कि शिक्षक तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन तकनीकी त्रुटियों के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। दंडात्मक कार्यवाही की स्थिति में संगठन कड़ा विरोध दर्ज करेगा ।शालेय शिक्षक संघ मुख्यमंत्री निवास घेराव की रणनीति बनाकर बड़े आंदोलन की घोषणा करेगा ।