111 भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा, पार्टी संगठन पर लगाए गंभीर आरोप

डोंगरगढ़ : डोंगरगढ़ शहर मंडल में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा संगठनात्मक झटका लगा है। मंडल के 111 भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में बूथ अध्यक्ष, पूर्व पार्षद और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हैं। सभी ने अपना इस्तीफा भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत को भेजा है। कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोतआना पर परिवारवाद और गुटबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
इसे जिलाध्यक्ष के कार्यकाल का अब तक का सबसे बड़ा संगठनात्मक असंतोष माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पूरे भाजपा संगठन में हलचल मचा दी है।
इस्तीफा पत्र में कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि संगठन में लंबे समय से काम कर रहे लोगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने अपने इस्तीफा पत्र में आरोप लगाया है कि संगठन में वर्षों से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके मुताबिक कुछ चुनिंदा लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है।
उनका दावा है कि संगठन में कुछ लोगों को एक से ज्यादा पद दिलाने की सिफारिश की जा रही है। इसके उलट पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियों से दूर रखा जा रहा है।
इस्तीफा पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंडल अध्यक्ष अपने फैसले स्वतंत्र रूप से नहीं लेते। कार्यकर्ताओं का दावा है कि वे पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती और शहर के कुछ प्रभावशाली व्यापारिक नेताओं के दबाव में काम करते हैं।
यह आरोप संगठन के भीतर काफी गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि इससे मंडल अध्यक्ष की निर्णय क्षमता पर सीधे सवाल उठते हैं।
असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने हाल ही में भाजपा युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष पद पर आकाश सिंह राजपूत की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आकाश सिंह राजपूत भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत के रिश्तेदार हैं।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय नहीं रही, फिर भी उन्हें अहम जिम्मेदारी दे दी गई। उनका कहना है कि इससे संगठन में परिवारवाद की धारणा और मजबूत हुई है।
जानकारी के मुताबिक डोंगरगढ़ भाजपा में पिछले करीब दो साल से संगठनात्मक असंतोष बना हुआ था। मंडल अध्यक्ष बनने के बाद कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा किए जाने की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं।
पूर्व विधायक विनोद खांडेकर समर्थक नेताओं की अनदेखी और मंडल अध्यक्ष के निर्णयों में हस्तक्षेप को लेकर भी समय-समय पर विवाद होता रहा है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर संगठन की कार्यशैली का विरोध करने के आरोप में कुछ नेताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। इनमें पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष प्रिंस सिंह कक्कड़, पूर्व मंडल महामंत्री संतोष राव, पूर्व सांसद प्रतिनिधि परविंदर सिंह मोंटी और पूर्व मंडल मंत्री वीरेंद्र साहू शामिल थे।
इस नोटिस की कार्रवाई पूरी होने से पहले ही अब 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे ने भाजपा संगठन में हलचल और बढ़ा दी है।
इस्तीफा पत्र में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल संबंधित कार्यकर्ताओं की तरफ से ही हैं। शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोतआना, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत और भाजपा संगठन की तरफ से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया मिलने के बाद उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल यह मामला पूरी तरह एकतरफा आरोपों पर आधारित है।