हवाला जांच में बड़ा एक्शन, भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव गिरफ्तार

Raipur। छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी बताए जाने वाले कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित हवाला कारोबार और आर्थिक लेन-देन से जुड़े मामले में उन्हें गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी के बाद ED ने केके श्रीवास्तव को विशेष अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए 9 दिन की रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद 8 दिन की ईडी रिमांड मंजूर कर दी। अब ED 7 अगस्त तक उनसे पूछताछ करेगी।
ईडी की जांच का फोकस कथित हवाला नेटवर्क, संदिग्ध लेन-देन और पैसों के स्रोत पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन लोगों और संस्थानों के बीच आर्थिक लेन-देन हुआ।
पूछताछ के दौरान बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। ED यह भी जानने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए पैसों का नेटवर्क कितना बड़ा है।
केके श्रीवास्तव का नाम छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में भी सामने आया था। इस मामले में उन्हें और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तत्कालीन उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया गया था।
दोनों लंबे समय तक जेल में रहे थे। इसके बाद मार्च में हाईकोर्ट ने दोनों को जमानत दी थी। कोर्ट के आदेश के बाद जब जांच एजेंसी ने चालान पेश किया तो अप्रैल में दोनों की जेल से रिहाई हुई थी। अब नए मामले में ED की कार्रवाई के बाद केके श्रीवास्तव एक बार फिर जांच एजेंसी की हिरासत में हैं।
केके श्रीवास्तव पर स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर प्रोजेक्ट से जुड़े काम दिलाने के नाम पर कथित ठगी का आरोप भी लगाया गया है। आरोप है कि कुछ कारोबारियों से बड़े प्रोजेक्ट दिलाने का भरोसा देकर पैसे लिए गए। काम नहीं मिलने के बाद रकम वापस मांगने पर विवाद बढ़ा और मामला पुलिस तक पहुंचा।
इस मामले में रायपुर के तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में कई आर्थिक लेन-देन की जानकारी सामने आने का दावा किया गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार केके श्रीवास्तव से जुड़े कुछ बैंक खातों की जांच में बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। पुलिस जांच में करीब 300 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन की बात सामने आई थी।
अब ED इन सभी वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन पैसों का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया।
8 दिन की रिमांड के दौरान ED केके श्रीवास्तव से कई सवालों के जवाब तलाशेगी। जांच एजेंसी कथित हवाला कारोबार से जुड़े लोगों, पैसों के लेन-देन और अन्य कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी।
फिलहाल ED की जांच जारी है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत में आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी दी जाएगी। मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।