अफीम कांड: लंबी जांच के बाद कोर्ट पहुंची चार्जशीट, 8 आरोपियों पर शिकंजा, दो इनामी अभी भी गिरफ्त से बाहर

RAIPUR : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने 143 दिन बाद अदालत में 939 पन्नों का चालान पेश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पहले ही इनाम घोषित कर रखा है।
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने विकास विश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर, छोटूराम, रणछोड़ राम, सुनील देवासी, मदरूपा राम और सूखाराम को आरोपी बनाया है। वहीं अचल राम और श्रवण विश्नोई अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों की तलाश लगातार जारी है और उनकी गिरफ्तारी पर तीन-तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस ने अदालत में दाखिल चालान में कुल 79 गवाहों को शामिल किया है। इनमें 14 पुलिसकर्मी भी गवाह बनाए गए हैं। इसके अलावा नारकोटिक्स विभाग की टीम, एफएसएल विशेषज्ञों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी गवाह सूची में शामिल किया गया है। जांच से जुड़े दस्तावेजों, जब्ती पंचनामे और वैज्ञानिक रिपोर्टों को मिलाकर 939 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अफीम, अफीम के बीज, खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, हिसाब-किताब से जुड़ी रजिस्टर, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ट्रैक्टर, जेसीबी, हार्वेस्टर, मोटरसाइकिल, स्प्रिंकलर, सीसीटीवी कैमरे समेत कई अन्य सामान जब्त किए थे। खेत के पास से 66.33 किलोग्राम अफीम डोडा भी बरामद किया गया था।
जांच के दौरान राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर अफीम की खरीद-बिक्री से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने के बाद पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
यह मामला मार्च 2026 में सामने आया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि समोदा गांव में मक्के की फसल के बीच बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलने के बाद 6 मार्च को पीएचक्यू, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), एफएसएल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई।
7 मार्च को टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें खेत में लगे पौधों के अफीम के होने की पुष्टि हुई। इसके बाद खेत में लगी पूरी फसल को जब्त कर लिया गया। जांच में सामने आया कि करीब 5.609 एकड़ भूमि पर मक्के की फसल के बीच अफीम की खेती छिपाकर की गई थी।
जांच के दौरान खेत से लगभग 14,30,100 अफीम के पौधे बरामद किए गए थे। इनका अनुमानित कुल वजन करीब 62 हजार किलोग्राम बताया गया था। यह प्रदेश में अब तक सामने आए सबसे बड़े अवैध अफीम खेती मामलों में से एक माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों, दस्तावेजी प्रमाणों और गवाहों के बयान के आधार पर चार्जशीट तैयार की गई है। अब अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष इन सभी साक्ष्यों को पेश करेगा। वहीं फरार दोनों आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है और उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।