तस्करी का अनोखा तरीका: टायर-नमक की बोरियों में छिपाकर ले जा रहे थे गांजा, 2.40 करोड़ का माल जब्त

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गांजा तस्करी : छत्तीसगढ़ पुलिस ने गांजा तस्करी के दो बड़े मामलों का खुलासा किया है। तस्कर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं – कहीं नमक की बोरियों के नीचे तो कहीं ट्रक-टायर के भीतर गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सुकमा और गरियाबंद में हुई कार्रवाई में कुल 459.50 किलो गांजा जब्त किया गया है जिसकी कीमत 2.40 करोड़ रुपये से ज्यादा है। 4 तस्कर गिरफ्तार हुए हैं।

पहला मामला: पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना पर कृष्ण मंदिर चौक, ढोंडरा में नाकाबंदी की गई थी। करीब 6:10 बजे ओडिशा की ओर से आ रही पिकअप क्रमांक RJ-27-GE-6757 को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे 150 पैकेट गांजा मिला। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिव कुमार प्रजापति और उदय राम बलई रूप में हुई है। पुलिस ने वाहन समेत कुल 1.64 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी राजस्थान के निवासी हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वे ओडिशा से गांजा लेकर राजस्थान की ओर जा रहे थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लायर और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

दूसरा मामला: पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को थाना देवभोग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मेटाडोर में अवैध रूप से गांजा लेकर देवभोग की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर खुटगांव अंतरराज्यीय पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात जवान संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान मेटाडोर को रोककर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान मेटाडोर के छह टायरों के अंदर फिल्मी अंदाज में छिपाकर रखा गया 151.50 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत 75 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई। पुलिस ने मौके से मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के रोहित पांडेय और ओडिशा के कालाहांडी जिले के रमेश नायक को गिरफ्तार किया।

आरोपियों के कब्जे से गांजा के अलावा करीब 20 लाख 25 हजार रुपये कीमत का मेटाडोर वाहन भी जब्त किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) और 27ए के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।