CGPSC मामले में ED की चार्जशीट, टामन सिंह सोनवानी समेत 7 लोगों पर आरोप; 60-65 लाख में चयन का दावा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े कथित भर्ती घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार्जशीट दाखिल की है। रिपोर्ट के अनुसार, चार्जशीट में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच में सरकारी पदों पर चयन के लिए कथित तौर पर पैसों के लेन-देन और अभ्यर्थियों को चयन का भरोसा देने के आरोप सामने आए हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ पदों पर चयन के लिए अभ्यर्थियों से 60 से 65 लाख रुपए तक लिए जाने की बात जांच में सामने आई है। साथ ही, अभ्यर्थियों को परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक चयन में मदद का भरोसा दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, CGPSC-2021 का परिणाम जारी होने के बाद 18 चयनित अभ्यर्थियों को लेकर विवाद सामने आया था। आरोप था कि इनमें कुछ अभ्यर्थियों के रिश्तेदार तत्कालीन सरकार और प्रभावशाली लोगों से जुड़े हुए थे।

ED की जांच में बारनवापारा स्थित एक रिसॉर्ट में कथित बैठक का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में 29 से अधिक अभ्यर्थियों के पहुंचने की बात सामने आई। जांच में अभ्यर्थियों से 60 से 65 लाख रुपए तक लेने और करीब 3 करोड़ रुपए के लेन-देन का दावा किया गया है।

चार्जशीट से जुड़ी रिपोर्ट में परीक्षा के प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहले पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। इसके बदले रकम लिए जाने की बात कही गई है।

आरोपों के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया और बाद में उन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी भी कराई गई। इसके लिए बारनवापारा के रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों के ठहरने की बात भी जांच में सामने आने का दावा है।

जांच में परीक्षा से लेकर अंतिम चयन तक अभ्यर्थियों की मदद करने के आरोप भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों को रोड-1 और डीडी नगर स्थित सिटी विनायक मैरिज पैलेस में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है।

इसके बाद उन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी कराने और इंटरव्यू तक चयन सुनिश्चित होने का भरोसा देने का आरोप है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अभ्यर्थियों को चयन का भरोसा दिलाने के लिए प्रभावशाली पदों और लोगों के नाम का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि तत्कालीन सत्ता से जुड़े लोगों और अन्य प्रभावशाली चेहरों का हवाला देकर अभ्यर्थियों का विश्वास हासिल किया गया।

जांच रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री के पीए समेत कुछ अधिकारियों के नामों का उल्लेख किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

CGPSC-2020 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोपों से यह मामला जुड़ा है। मामले में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं।

ED की चार्जशीट से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, जांच में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने, अभ्यर्थियों से कथित तौर पर रकम लेने और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे आरोप शामिल हैं।

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