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कॉलेज छात्रा के खाते से 15 हजार की ठगी

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दुर्ग:- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का धड़ल्ले से इस समय उपयोग किया जा रहा। दुर्ग साइबर सेल ने इस प्रकार की ठगी के मामलों का खुलासा किया है। सर्च इंजन पर ठग अलग अलग कंपनी के कस्टमर केयर और टोल फ्री नंबर से मिलते जुलते नंबर को पोस्ट करते हैं। ठगी की शिकार होने के बाद ज्यादातर लोग कंपनी के संपर्क करने के लिए सर्च इंजन का सहारा ले रहे हैं।

इसके बाद ठगी का शिकार हो रहे हैं। ठग अलग-अलग बहाने बनाकर बैंक अकाउंट समेत अन्य जानकारी लेते हैं और ठगी कर गायब हो रहे हैं। ठग को यह पता होता है कि बड़ी व नामी कंपनियां अपना विज्ञापन करने के लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का उपयोग नहीं करती है। जिसका फायदा उठाकर ठग कंपनियों के कस्टमर केयर या टोल फ्री नंबर के स्थान पर अपना नंबर पोस्ट करवा रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि ठगी का शिकार होने के बाद लोग बजाय कंपनी के वेब पेज पर जाकर जानकारी जुटाने के बजाय सर्च इंजन पर कस्टमर केयर नंबर की तलाश करते हैं।

ठग संचार के अलग अलग माध्यमों का उपयोग करके टावर लगाने के नाम पर कमीशन और महीने का पैसा देने का विज्ञापन पोस्ट करते हैं। इन विज्ञापनों पर नंबर ज्यादातर ठग के होते है। नंबर पर संपर्क करने के बाद ठग बड़े बड़े प्रलोभन देकर ठगी करते हैं। खुर्सीपार में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को नोएडा के ठगों ने 70 लाख रुपए का चुना लगाया था। इसी तरह बीमा पॉलिसी की मेच्योरिटी के नाम पर संपर्क करके बैंक डिटेल लेकर ठगी करते हैं। रिटायर्ड पुलिस अधिकारी से ठग ने 17 लाख रुपए की ठगी की थी।

इसी तरह ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर स्मृति नगर में कॉलेज छात्रा के खाते से 15 हजार रुपए की ठगी की थी। छात्रा ने फूड पार्सल का ऑर्डर कैंसिल करने के लिए सर्च इंजन के जरिए कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया था। ठग ने कस्टमर केयर अधिकारी बताकर रिफंड कराने का झांसा देकर ठगी की। सीआईएसएफ के आरक्षक से रिचार्ज के 199 रुपए की राशि रिफंड कराने का झांसा देकर 99 हजार रुपए की ठगी कर ली। आरक्षक ने भी सर्च इंजन नंबर निकालकर संपर्क किया था।

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