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सुहागरात की थी तैयारी, पत्नी बोली- रुको मैं आ रही, और फिर….

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आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबके पसीने छुटा दिए. एक आम आदमी जिसने बड़े सपनों और उम्मीदों के साथ शादी रचाई थी. शादी के बाद सुहागरात की भी बड़ी तैयारियां कर रखी थी. सुहागरात से पहले दुल्हन ने दूल्हे को कहा कि ‘रुको मैं आ रही’. वो रसोई गई और दूध का गिलास लाई. इसके बाद जो हुआ जान कर आपके होश उड़ जाएंगे. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

मामला आगरा के एक आम परिवार का है, जहां लड़के की शादी तय करवाने वाली एक महिला ने दुल्हन पक्ष की ओर से 1.20 लाख रुपये की मांग की. यह रकम यह कहकर ली गई कि लड़की गरीब है और शादी के खर्चे पूरे करने के लिए मदद चाहिए. लड़के वालों ने जैसे-तैसे रकम का इंतजाम किया और तय तारीख पर शादी भी संपन्न हो गई. विवाह की सारी रस्में, मेहमानों की आवभगत, और सामाजिक रीति-रिवाज पूरी धूमधाम से निभाए गए.

शादी के बाद घर में खुशियों का माहौल था. नई बहू के स्वागत में गीत गूंज रहे थे. दूल्हा भी सुहागरात की तैयारी में जुटा था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके जीवन की सबसे खास रात उसकी सबसे बड़ी भूल साबित होने जा रही है. जैसे ही रात हुई, दुल्हन ने सास और पति को दूध पिलाया, जिसमें नशीली दवा मिली हुई थी. सास तुरंत बेहोश हो गई और पति भी नींद में डूब गया. रात के अंधेरे में, जब पूरा घर गहरी नींद में था, दुल्हन ने घर का मुख्य दरवाजा खोला. बाहर पहले से एक बाइक सवार उसका इंतजार कर रहा था. वह चुपचाप अपने साथ लाए बैग में नकदी और गहनों को भरकर उसी बाइक पर बैठी और फरार हो गई. सुबह जब नींद खुली, तो घरवालों के होश उड़ गए.

परिवार ने जब घर की तलाशी ली तो लगभग 1.30 लाख रुपये की नकदी और सोने-चांदी के गहने गायब पाए गए. सगाई में दी गई अंगूठी, चांदी के पायल, चैन और अन्य गहनों का कहीं अता-पता नहीं था. दूल्हे का तो दिल ही टूट गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो एक फुटेज में एक महिला को बाइक पर सवार होकर जाते देखा गया. बाइक का नंबर भी फुटेज में साफ दिखाई दिया, जिसे आधार बनाकर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि दुल्हन ने शादी के समय जो आधार कार्ड दिया था, वह भी फर्जी निकला. इतना ही नहीं, शादी में शामिल हुए जो लोग मामा-मामी, चाचा-चाची बनकर आए थे, वे भी फर्जी निकले. बाद में पीड़ित परिवार ने एक स्थानीय जनप्रतिनिधि से संपर्क किया, जिनके हस्तक्षेप के बाद संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई. फिलहाल पुलिस टीम गिरोह के पीछे लगी हुई है और अन्य मामलों की भी जांच कर रही है.

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