Ajab Gajab : दुनियाभर में ऐसी कई जनजातियां हैं, जिनकी परंपराएं, जीने का तरीका और लाइफस्टाइल हमें हैरान कर देती है. इनमें से कोई पेड़ों पर रहता है, तो कोई आज भी समाज से अलग-थलग अपनी दुनिया बसाए हुए है. इनमें से कुछ जनजातियां नरभक्षी हैं, तो किसी ट्राइब में दूसरों की बीवियों को लुभाकर शादी करने की परंपरा है. आज हम आपको नामीबिया की एक ऐसी ही विचित्र जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं, जो उत्तरी नामीबिया के कुनैन प्रांत में निवास करती है. यह नामीबिया के सूखे इलाकों में शामिल है. ये जनजाति अपने अजीबोगरीब रिवाजों, खासकर अपनी औरतों के सुंदरता के तरीके और मेहमानों की खातिरदारी के चलते दुनियाभर में मशहूर हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां के मर्द अपनी बीवियों को मेहमानों के साथ सोने के लिए भेज देते हैं.
आपको बता दें कि हिम्बा ट्राइब्स की औरतों की सबसे खास बात ये है कि वे जिंदगी भर कभी नहाती नहीं हैं, इसके बावजूद ये बहुत सुंदर मानी जाती हैं. इस इलाके में पानी की कमी है, जिसकी वजह से हिम्बा महिलाएं पानी का इस्तेमाल नहीं करतीं. इसके बजाय, वे एक खास तरह के पौधे, जिसे ओमुजुम्बजुम्ब कहते हैं, उसकी पत्तियां और टहनियां जलते कोयलों पर रखती हैं. इससे जो खुशबूदार धुआं निकलता है, उसी से वे अपने शरीर और कपड़ों को साफ और कीटाणु रहित करती हैं. ये प्रक्रिया सिर्फ उन्हें साफ ही महसूस नहीं कराती, बल्कि उनके शरीर से अच्छी खुशबू भी आती है. ये उनका अपना ‘परफ्यूम’ और ‘साबुन’ है, जो उन्हें कुदरत ने दिया है. इस अनोखे तरीके से वे अपनी त्वचा को सूखने से बचाती हैं और शरीर की बदबू भी दूर करती हैं.
हिम्बा औरतों की एक और पहचान है उनकी त्वचा और बालों पर लगा लाल लेप, जिसे ‘ओत्जिजे’ कहते हैं. ये लेप लाल गेरू पत्थर को पीसकर, उसमें जानवरों की चर्बी और कभी-कभी खुशबूदार गोंद मिलाकर तैयार किया जाता है. इस पेस्ट को वे अपने पूरे शरीर और बालों पर लगाती हैं. ये लाल लेप सिर्फ सुंदरता के लिए नहीं है, बल्कि इसके कई फायदे भी हैं. ये उन्हें सूरज की तेज और जलाने वाली किरणों से बचाता है, त्वचा को कीड़े-मकौड़ों के काटने से बचाता है और सूखी हवा से होने वाली नमी की कमी को भी पूरा करता है. ओत्जिजे उनकी त्वचा को एक चमकदार, लाल रंग देता है, जो हिम्बा संस्कृति में सुंदरता और रुतबे की निशानी है. महिलाएं अपने बालों को भी इसी लेप से ढककर छोटे-छोटे ड्रेडलॉक्स बनाती हैं, जो उनकी पहचान का एक बहुत बड़ा हिस्सा है.
हिम्बा जनजाति में मेहमानों का स्वागत करना बहुत ज़रूरी माना जाता है, लेकिन उनकी मेहमान नवाजी की एक प्रथा कुछ लोगों के लिए थोड़ी अजीब या अटपटी लग सकती है. कुछ खबरों के मुताबिक, हिम्बा संस्कृति में मेहमानों का बहुत ज्यादा सम्मान करने के लिए, घर का मुखिया अपनी पत्नी को मेहमान के साथ रात बिताने के लिए कह सकता है. इस प्रथा को ‘ओकुज़ेपा ओमोकामे’ कहते हैं, जिसका मतलब है “मेहमान को बिस्तर देना”. ये उनकी मेहमान नवाजी का सबसे बड़ा रूप माना जाता है, जो मेहमान पर भरोसा और दोस्ती दिखाता है. ये समझना ज़रूरी है कि इस प्रथा को उनकी संस्कृति के हिसाब से देखा जाता है, जहां समुदाय और चीज़ों को बांटना, अपनी चीज़ों पर अकेले हक जमाने से ज़्यादा अहम होता है. हालांकि, आज के समय में इस प्रथा की सच्चाई कितनी आम है, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है. लेकिन ये उनकी संस्कृति की गहराई और अनोखेपन को दिखाता है, जहां सामाजिक रिश्ते और तरीके पश्चिमी दुनिया से अलग हो सकते हैं.