गणेश विसर्जन के लिए अब ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, ‘भिलाई मित्र’ पोर्टल से मिलेगा तालाब और समय का टोकन

पोर्टल के माध्यम से श्रद्धालु विसर्जन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके बाद निगम द्वारा निर्धारित तालाबों में से अपनी सुविधा के अनुसार विसर्जन स्थल का चयन किया जा सकेगा।
ऑनलाइन पंजीयन पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को विसर्जन के लिए निर्धारित समय और टोकन नंबर आवंटित किया जाएगा। निगम को उम्मीद है कि इससे विसर्जन स्थलों पर एक साथ भीड़ जुटने से होने वाली अव्यवस्था को कम किया जा सकेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य तालाबों को प्रदूषण से बचाना भी है। निगम की ओर से मूर्ति विसर्जन और पूजन सामग्री के निपटारे के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। इससे फूल, कपड़े और अन्य पूजन सामग्री तालाब में जाने से रोकी जा सकेगी और जल प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
भिलाई निगम आयुक्त सुरूचि सिंह के अनुसार, इस पहल के पीछे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण दोनों प्रमुख उद्देश्य हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के कई शहरों में गणपति विसर्जन के लिए वेबसाइट के जरिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था पहले से संचालित है। इसी व्यवस्था से प्रेरणा लेकर भिलाई में भी ऑनलाइन स्लॉट सिस्टम लागू करने की तैयारी की गई है।
‘भिलाई मित्र’ पोर्टल को केवल विसर्जन स्लॉट बुकिंग तक सीमित नहीं रखा जाएगा। गणेश उत्सव से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी लोग इसी पोर्टल का इस्तेमाल कर सकेंगे।
पोर्टल पर स्वच्छ पंडाल, बेस्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, आदर्श गणेश मंडल और ‘मेरा घर मेरे बप्पा’ जैसी प्रतियोगिताओं की जानकारी और रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पोर्टल पर गणेश समितियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें उत्सव के दौरान किए जाने वाले जरूरी कार्यों के साथ-साथ प्रतिबंधित गतिविधियों की जानकारी भी दी जाएगी। पूजन सामग्री और सजावटी वस्तुओं के उचित निपटारे को लेकर भी अलग गाइडलाइन जारी की जाएगी।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए निगम के पास क्षेत्र में विसर्जित होने वाली गणपति मूर्तियों का डेटा भी उपलब्ध हो सकेगा। इस रिकॉर्ड की मदद से निगम भविष्य में विसर्जन स्थलों पर आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की बेहतर योजना तैयार कर सकेगा। निगम का लक्ष्य धार्मिक आयोजन की परंपरा को बनाए रखते हुए स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है।