शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण, 4.50 लाख रुपये भी ऐंठे; आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ : रायगढ़ जिले में शादी का वादा कर युवती का शारीरिक शोषण करने और उससे लाखों रुपये लेने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसने अलग-अलग किस्तों में युवती से करीब 4 लाख 50 हजार रुपये भी लिए। आरोप है कि जब युवती ने शादी करने और अपनी रकम वापस लौटाने की मांग की, तो युवक अपने वादे से मुकर गया। घरघोड़ा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 21 वर्षीय पंकज चौहान के रूप में हुई है, जो घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम अमलीडीह का रहने वाला है। मामले में 23 वर्षीय युवती ने 23 अक्टूबर 2026 को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 22 अक्टूबर 2025 को Snapchat के माध्यम से उसकी पहचान पंकज चौहान से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। धीरे-धीरे मोबाइल पर बातचीत के साथ उनकी मुलाकातें भी होने लगीं।
युवती की शिकायत के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे फोन कर शादी करने का भरोसा दिया और अपने गांव अमलीडीह बुलाया। वहां शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी शादी का भरोसा दिलाकर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
इस दौरान आरोपी ने अलग-अलग मौकों पर युवती से लगभग 4.50 लाख रुपये ले लिए। युवती का कहना है कि उसने शादी की उम्मीद और आरोपी पर भरोसा करके उसे यह रकम दी थी।
शिकायत में युवती ने बताया कि सितंबर 2026 में जब उसने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे और शादी की बात कही, तो उसने कथित तौर पर दोनों मांगों को ठुकरा दिया। आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही शादी करने के लिए तैयार हुआ। इसके बाद पीड़िता ने घरघोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
युवती की शिकायत पर घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 320/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पंकज चौहान को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
