नगरीय निकाय चुनाव: सभी राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हुईं, जल्द ही घोषित होंगे प्रत्याशी

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रायपुर| नगरीय निकाय चुनाव के लिए शनिवार को नामांकन की शुरुआत हो गई। इसके साथ ही, राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रत्याशी चयन के लिए कांग्रेस 30 नवंबर को बैठक करेगी, जबकि भाजपा 30 नवंबर तक प्रत्याशियों की घोषणा करने की तैयारी में धुआंधार बैठकें कर रही है।

कांग्रेस: मंत्री और विधायक तय कर सकेंगे उम्मीदवार
15 निकाय के 370 वार्डों के लिए प्रत्याशी चयन की रफ्तार तेज होने लगी है। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने 30 नवंबर को प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। मरकाम ने इससे पहले इन निकायों वाले जिलों के प्रभारी मंत्री और विधायकों से नामों पर सहमति बनाने कह दिया है। इन 15 निकायों में 4 नगर निगम हैं जो राजनीतिक रुप से सबसे अहम हैं। इनमें से तीन निकाय, सीएम और 5 मंत्रियों के इलाकों में शामिल हैं और बीरगांव रायपुर में है।

पीसीसी ने प्रत्याशी चयन के वार्ड स्तर पर समिति बनाकर उनसे पैनल मांगा है। समिति वार्ड में चर्चित और पकड़ वाले कांग्रेस सदस्यों के नामों पर विचार करेगी। पीसीसी ने यह भी तय किया है कि किसी भी दावेदार से बायोडाटा नहीं लिया जाएगा। पीसीसी ने अपने प्रदेश पदाधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाया है जो प्रत्याशी चयन में मदद करेंगे। लेकिन जैसा कांग्रेस में हो ता है प्रत्याशी वही होगा जो बड़े नेताओं की पंसद होगा। यानी क्षेत्र के मंत्री और स्थानीय विधायक की पसंद को ही तरजीह दी जाएगी। पीसीसी सूत्रों के अनुसार रिसाली निगम के 40 प्रत्याशी , विधायक और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू अकेले तय कर सकते हैं। तो भिलाई -चरौदा के प्रत्याशी सीएम बघेल की पंसद के होंगे। सीएम के करीबी तो सूची बनाने भी लगे हैं।यह निगम, सीएम के क्षेत्र में आता है।

भाजपा: स्थानीय मुद्दों के आधार पर घोषणा पत्र
नगरीय निकायों के लिए भाजपा के नेता 28 और 29 नवंबर को धुआंधार बैठकें कर दावेदारों के नाम पर चर्चा करेंगे, फिर 30 नवंबर को प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया जाएगा। नगर निगम, पालिका और पंचायत के प्रभारियों को हर हाल में दो दिनों में ही बैठक कर प्रत्याशियों के नाम का चयन करने के लिए कहा गया है। नगर पंचायत व पालिका के उम्मीदवारों को लेकर कोई भी विवाद की स्थिति बनने पर संभागीय स्तर पर और नगर निगम के प्रत्याशियों के नाम पर विवाद की स्थिति में प्रदेश स्तर पर अपील की सुविधा रहेगी।

भाजपा ने नगर निगम, पालिका और पंचायतों के लिए दो तरह के प्रभारी तय किए हैं। निचले स्तर से तीन नामों का पैनल आएगा, जिसे प्रभारियों को ही स्थानीय संगठन की सहमति से एक नाम तय करना है। इसी तरह स्थानीय स्तर पर ही घोषणा पत्र भी बनाया जाएगा। प्रत्याशियों के नाम तय करने के बाद संगठन व चुनाव प्रभारी, जिलाध्यक्ष आदि मिलकर घोषणा पत्र बनाएंगे। बैलेट पेपर से चुनाव होने हैं, इसलिए पूरी रणनीति उसी आधार पर बनाई जाएगी। वहीं, ज्यादा से ज्यादा पार्षद जिताने पर फोकस रहेगा, क्योंकि मेयर और अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों में से बहुमत के आधार पर होगा। प्रत्याशियों का चयन सोशल इंजीनियरिंग व सक्रियता के हिसाब से होगा, जिससे जीत की उम्मीद सौ फीसदी हो।

प्रदेश में शहरी सत्ता के चुनावों के लिए शनिवार से जिलों में सूचना के साथ ही नामांकन पत्र सुबह साढ़े दस बजे से दाखिल करना प्रारंभ हो गया। उम्मीदवार आम व उप चुनावों के लिए 3 दिसंबर तक सुबह 10:30 से दोपहर 3 बजे तक रिटर्निंग ऑफिसर को ऑनलाइन भरे गए नामांकन पत्र की हार्डकॉपी जमा कर सकेंगे। प्रत्याशी के साथ तीन लोग ही अंदर जा सकेंगे। आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की शिकायतों के लिए जिला निर्वाचन कार्यालयों में शिकायत केंद्र भी बनाए गए हैं। जहां लोग शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने नवा रायपुर में निर्वाचन भवन में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों एवं राज्य दलों से विचार-विमर्श किया। बैठक में भाजपा, कांग्रेस, बसपा, समाजवादी पार्टी, एनसीपी और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए।

एसटी आयोग के अध्यक्ष को बनाया पर्यवेक्षक, शिकायत: भाजपा ने शनिवार को आयोग से शिकायत की कि एसटी आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह को शिवपुर चरचा नगर पालिका का चुनाव पर्यवेक्षक बनाया गया है। राजनीतिक दलों की बैठक में कमिश्नर ठाकुर राम सिंह से भाजपा नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने यह शिकायत की। जनता कांग्रेस के नेता डॉ. ओमप्रकाश देवांगन व भगवानू नायक ने शिकायत की कि दुर्ग में उनकी पार्टी के नेताओं को बैठकों में नहीं बुलाया जा रहा है। कांग्रेस ने चुनाव घोषणा पत्र समिति की सोमवार को दोपहर राजीव भवन में बैठक बुलाई है। समिति के अध्यक्ष वन मंत्री मोहम्मद अकबर हैं। इस कमेटी में मंत्री रविन्द्र चौबे, डॉ.शिव डहरिया, अमरजीत भगत, छाया वर्मा, रामगोपाल अग्रवाल, गिरीश देवांगन, रवि घोष, चंद्रशेखर शुक्ला, जितेन्द्र साहू, राजेन्द्र साहू, सुशील आनंद शुक्ला औैर जयवर्धन बिस्सा को शामिल किया गया है।

 

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